"प्रेमी से करवा दी शादी, तो बोली – अरे रुकिए! ये तो मेरा भाई है!"
क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि पति ने खुद अपनी बीवी की शादी उसके प्रेमी से करवा दी… और फिर बीवी बोली – "अरे ये तो मेरा भाई है!"अगर नहीं सुना, तो आइए, अमेठी चलिए। यहां हुआ है ऐसा ‘फुल ड्रामा’, जिसे पढ़कर आप सिर पकड़ लेंगे – और हंसी रोकना मुश्किल होगा।
शिव शंकर प्रजापति नाम के एक सज्जन ने बड़े ठाठ-बाट से शादी की। दुल्हन आई, मंगलगीत बजे, हलवा-पूरी बंटी… लेकिन कुछ ही दिन बीते थे कि पति को लगने लगा, दाल में कुछ काला है। नहीं साहब, यहां तो पूरी दाल ही काली थी!
शिव शंकर को शक हुआ कि उसकी पत्नी अब भी किसी और से ‘दिल की बातें’ कर रही है। शक इतना बढ़ा कि उसने कह दिया –"अगर तुम उसे चाहती हो, तो जाओ… उसी से शादी कर लो!"
गांव में बुलाई गई पंचायत। पुलिस भी बुला ली गई ताकि मामला ‘कानून के दायरे’ में रहे।लड़की के कथित प्रेमी को बुलाया गया और फिर सबके सामने लड़की से कहा गया —"चलो, अब इसी से शादी कर लो।"सब तैयार। माला भी लाई गई। गवाह भी बैठे। एक बार फिर शादी का माहौल।लेकिन तभी...नाटकीय मोड़ आया और महिना ने कहा "ये मेरा भाई है!"
अब सवाल पर सवाल
अगर वो भाई है, तो पहले क्यों नहीं बताया?
अगर प्रेमी है, तो अब मना क्यों कर रही है?
और अगर दोनों नहीं हैं, तो ये शादी का ड्रामा क्यों?
पति भी परेशान, गांव भी हैरानशिव शंकर जी अब सोच में हैं —"मैंने तो सोचा था कि इज्ज़त बच जाएगी, अब तो सोशल मीडिया पर मीम्स बनेंगे!"गांव वाले चाय की दुकानों पर चर्चा कर रहे हैं जैसे कोई टीवी सीरियल हो।

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