यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किए ई-टेंडर...

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीखें का ऐलना अभी भले ही न हुआ हो, लेकिन चुनाव का बिगुल बज गया है। पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियों का आगाज शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, राज्य निर्वाचन आयोग ने ई-टेंडर जारी कर दिए हैं। 75 में से 67 जिलों में मतपेटिकाओं की आपूर्ति के लिए ई-टेंडर जारी किया गया है। बता दें कि प्रदेश में पंचायत चुनाव अगले साल 2026 में जनवरी और फरवरी महीने में हो सकते हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव है विधानसभी चुनाव की सेमीफाइनल-

दरअसल, साल 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में पंचायत चुनाव होने हैं। पंचायत चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र की एक बड़ी आबादी वोट करती है। जिसके चलते सभी राजनीतिक दल पंचायत चुनाव में भी जुट गए हैं। प्रदेश में 57 हजार 691 ग्राम पंचायतें, 826 ब्लॉक और 75 जिला पंचायतें हैं। यह चुनाव कई मायनों में अहम माना जाता है। इसे विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। अक्सर देखने को मिला है कि जिस पार्टी की प्रदेश में सरकार रहती है। पंचायत और नगर निगम चुनाव में उसका बोलबाला रहता है।

 निर्वाचन आयोग ने शुरू की तैयारियां-

इसी पंचायत चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने चुनाव से जुड़ी अपनी तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। चुनाव प्रक्रिया की अधिसूचना चुनाव से 45 दिन पहले जारी की जाएगी। इसी कड़ी में पंचायत चुनाव के लिए आवश्यक मतपेटिकाओं की खरीद के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई आगामी चार महीनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। 6 जून से ई-टेंडर की प्रक्रिया आरंभ होगी और 9 जून को टेंडर खोले जाएंगे। आयोग ने इस बार 75 में से 67 जिलों के लिए मतपेटिकाएं खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए आवश्यक बजट का भी प्रबंध कर लिया गया है।

वहीं, चुनाव तैयारियों के अगले चरण में जुलाई महीने से मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, अभी तक विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ऐसी संभावना है कि इस साल दिसंबर महीने तक वोटर लिस्ट को अपडेट कर लिया जाएगा। इसके बाद सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। आयोग का प्रयास है कि सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी कर ली जाएं, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उधर, चुनाव आयोग की सक्रियता से साफ है कि पंचायत चुनाव को लेकर अंदरखाने तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और आने वाले महीनों में जमीनी स्तर पर हलचल और बढ़ सकती है।

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