क्या खर्राटों की समस्या पुरुषों में महिलाओं से अधिक पाई जाती है? इस बारे में चिकित्सा विज्ञान क्या तथ्य सामने रखता है?

खर्राटे न केवल नींद को प्रभावित करते हैं, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य में किसी गड़बड़ी का संकेत भी दे सकते हैं। 40 साल से ऊपर की उम्र के लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है। महिलाओं और पुरुषों दोनों को खर्राटे आते हैं, लेकिन सवाल यह है क्या पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ज्यादा खर्राटे आते हैं?सर्दियों में ज्यादा खर्राटे क्यों लेते हैं लोग? जानें साइंटिफिक वजह और राहत  पाने के उपाय | Why Do People Snore More in Winter? Know The Scientific  Reason and Ways to get

पुरुषों में ज्यादा खर्राटे क्यों?

मेडिकल रिसर्च बताती है कि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में खर्राटे आने की संभावना लगभग 2 से 3 गुना अधिक होती है। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में भी यह समस्या दिखाई देती है, फिर भी पुरुष इससे अधिक प्रभावित रहते हैं।पुरुष महिलाओं से ज़्यादा खर्राटे क्यों लेते हैं? | precident.com

इसके कारण:

  • एयरवे की बनावट: पुरुषों के गले में हवा का रास्ता महिलाओं की तुलना में पतला होता है। सोते समय हवा के गुजरने से गले में कंपन होता है, जिससे खर्राटे आते हैं।
  • हार्मोन का असर: महिलाओं में मौजूद एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन गले की मांसपेशियों को मजबूत रखते हैं। यही वजह है कि 40 साल से कम उम्र वाली महिलाओं में खर्राटे कम होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, जिससे महिलाओं में भी समस्या बढ़ सकती है।
  • मांसपेशियों और फैट का प्रभाव: पुरुषों के गले और आसपास की मांसपेशियों पर फैट अधिक होता है, जो खर्राटों को बढ़ाता है।लोग सर्दियों में ज्यादा खर्राटे क्यों लेते हैं?

खर्राटे का मतलब क्या है?

  • खर्राटे तब आते हैं जब आपके ब्रीदिंग के रास्ते नाक और गले पूरी तरह से खुले नहीं होते। सांस लेते और छोड़ते समय गले की टिश्यू वाइब्रेट करती है, और यही आवाज़ खर्राटे कहलाती है। इसके सामान्य कारण हैं:
  • बढ़ता हुआ वजन
  • टॉन्सिल की समस्या
  • नाक की हड्डी की बनावट
  • नींद की कमी

कब सावधान रहें?

हल्के खर्राटे कभी-कभार सामान्य हैं। लेकिन अगर यह लगातार बने रहते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। लगातार खर्राटे स्लीप एपनिया का संकेत हो सकते हैं, जिसमें सोते समय सांस कुछ सेकंड के लिए रुक जाती है। यह हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है।खर्राटे क्यों आते हैं, क्या ये खतरनाक हैं और इनका इलाज कैसे किया जा सकता है?  | स्लीप एपनिया | द गार्डियन

खर्राटों से बचाव के उपाय:

  • वजन को नियंत्रित रखें
  • सोने से पहले शराब से बचें
  • करवट लेकर सोएं
  • धूम्रपान छोड़ें
  • लगातार ज्यादा खर्राटे आने पर डॉक्टर से इलाज कराएं Snoring can be symptom of serious disease know Treatment and risk factor |  Snoring: क्या आपको भी है खर्राटे लेने की आदत? हो सकती है गंभीर बीमारी का  संकेत | Jansatta

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