उपमहापौर चुनाव पर एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं के फैसले का इंतजार,त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना
पुणे - म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन महापौर और उपमहापौर चुनाव पर एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं के फैसले का इंतजार,त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना हालांकि,एनसीपी ने आखिरी समय में नामांकन दाखिल किया है। महापौर पद के लिए शीतल सावंत और उपमहापौर पद के लिए दत्तात्रय बहिराट को उम्मीदवार बनाया गया है। राज्य नेतृत्व की ओर से स्पष्टता न होने के कारण पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) यह तय करने का इंतजार कर रही है कि 9 फरवरी को होने वाले महापौर और उपमहापौर चुनाव में पार्टी चुनाव लड़ेगी या नहीं। पीएमसी में एनसीपी के 27 निर्वाचित नगरसेवक हैं, जबकि सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के पास 119 सीटें हैं। कांग्रेस ने 15 सीटें जीती हैं, एनसीपी (SP) को तीन सीटें मिली हैं और शिवसेना (UBT) को एक सीट मिली है।
आखिरी समय में नामांकन दाखिल करते हुए महापौर पद के लिए शीतल सावंत और उपमहापौर पद के लिए दत्तात्रय बहिराट को उम्मीदवार बनाया गया। इससे पहले एनसीपी ने यह कहते हुए उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया था कि पार्टी के पास निर्वाचित सदन में बहुत कम नगरसेवक हैं और पार्टी प्रमुख अजित पवार के निधन के कारण पार्टी शोक में है।भाजपा ने महापौर पद के लिए तीन बार की नगर सेवक मंजूषा नागपुरे और उपमहापौर पद के लिए प्रशुराम वाडेकर को उम्मीदवार बनाया है। एनसीपी की अनिश्चितता के चलते कांग्रेस ने महापौर पद के लिए अश्विनी लांडगे और उपमहापौर पद के लिए साहिल केदारी को मैदान में उतारा है। इससे चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गया है और भाजपा को बिना मुकाबले के जीत हासिल करने से रोका गया है।
संवादाता - यश सोलंकी

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