पुणे में चिकनपॉक्स के मामलों में वृद्धि: बड़े बच्चों और वयस्कों के लिए अधिक खतरा
पुणे - चिकनपॉक्स के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, इस साल ओपीडी में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। चिकनपॉक्स एक अत्यधिक संक्रामक वायरल संक्रमण है,जो वैरिसेला-जोस्टर वायरस के कारण होता है और सांस की बूंदों, संक्रमित व्यक्ति के दानों के संपर्क या दूषित सतहों के जरिए तेजी से फैलता है।यह बीमारी आमतौर पर बुखार,थकान,शरीर दर्द और सिरदर्द से शुरू होती है,जिसके बाद शरीर पर खुजली वाले फफोले जैसे दाने निकलते हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में यह बीमारी हल्की होती है,लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े बच्चों और वयस्कों में संक्रमण होने पर निमोनिया,गंभीर त्वचा संक्रमण या दुर्लभ मामलों में मस्तिष्क में सूजन जैसी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे चिकनपॉक्स की पूरी वैक्सीनेशन (दो डोज) जरूर करवाएं,साफ-सफाई का ध्यान रखें, संक्रमित व्यक्ति को तब तक अलग रखें जब तक उसके दाने सूखकर पपड़ी न बन जाएं, और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए नजदीकी संपर्क से बचें। जागरूकता और सावधानी ही व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
संवादाता - यश सोलंकी


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