लाडली बहिन योजना में बड़ा घोटाला
पुणे : लाडली बहिन योजना को लेकर पुणे से एक चौंकाने वाला और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मात्र 1500 रुपये के आर्थिक लाभ के लिए पुणे जिले में कुल 1201 पुरुषों ने खुद को महिला लाभार्थी के रूप में दर्ज कराया, यह जानकारी सामने आई है। खास बात यह है कि हवेली तालुका में इस गड़बड़ी के सबसे अधिक मामले पाए गए हैं।
मामला क्या है?
लाडली बहिन योजना के तहत ई-केवाईसी के बाद कई महिलाओं को मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक राशि अचानक बंद हो गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू की, जिसमें सामने आया कि पुणे जिले के लगभग ढाई लाख लाभार्थियों का पुनः सत्यापन किया जाएगा। इसी जांच में 1201 पुरुषों द्वारा योजना का गलत लाभ लेने की बात उजागर हुई।
फिर से ई-केवाईसी के निर्देश
राज्य में कई महिलाएं अभी भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं। आवेदन करने के बावजूद पैसे न मिलने की शिकायतें बढ़ने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने ई-केवाईसी पूरी कर चुकी सभी महिला लाभार्थियों का पुनः सत्यापन करने के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार अब यह सत्यापन आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से किया जाएगा।
किन बिंदुओं की होगी जांच?
पुनः सत्यापन के दौरान निम्न बातों की जांच की जाएगी— क्या लाभार्थी के परिवार में कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी में हैक्या परिवार में किसी को सरकारी पेंशन मिलती है लाभार्थी वास्तव में महिला है या नहीं, इसकी पुष्टि यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी पेंशनधारक पाया जाता है, तो उस परिवार के लाभार्थी को योजना के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।
सरकार का सख्त रुख
पुणे में महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों द्वारा भी लाडकी बहिन योजना का लाभ लेने की शिकायतें गंभीर होने के बाद राज्य सरकार ने गहन जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित जिला प्रशासन को पुरुष लाभार्थियों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले ने सामाजिक कल्याण योजनाओं में पारदर्शिता के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला दिया है।
संवादाता - यश सोलंकी
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