रमज़ान के दौरान बढ़ती भीड़ से कोंढवा के निवासियों में ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी
हवेली : रमज़ान का पवित्र महीना नज़दीक आते ही कोंढवा के निवासियों ने बढ़ते ट्रैफिक जाम को लेकर चिंता जताई है। खासकर NIBM रोड, पारगे नगर और कौसरबाग जैसे प्रमुख इलाकों में स्थिति बिगड़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि मौसमी सड़क किनारे लगने वाले बाजार पहले से मौजूद समस्याओं को और बढ़ा सकते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण कई महीनों से ट्रैफिक बाधित हो रहा है। उनका आरोप है कि अस्थायी फूड स्टॉल, कपड़ों के ठेले और अन्य अस्थायी दुकानों के कारण सड़कें और पैदल मार्ग संकरे हो गए हैं, जिससे आवाजाही धीमी हो गई है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
एक निवासी ने बताया, “सामान्य दिनों में भी सड़कें भरी रहती हैं। रमज़ान के दौरान कुछ जगहों से निकलना लगभग असंभव हो जाता है।” एक अन्य निवासी ने कहा, “गैस सिलेंडर, ठेले और तंदूर अक्सर सड़क किनारे ही रख दिए जाते हैं, जो पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों के लिए खतरनाक है।”
नागरिकों ने बताया कि उन्होंने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुणे महानगरपालिका में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन उनका कहना है कि कार्रवाई लगातार और प्रभावी नहीं रही है।
इस बीच, त्योहार के मद्देनज़र स्थिति की समीक्षा के लिए ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। इस टीम में पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) हिम्मत जाधव, डीसीपी (जोन 5) राजलक्ष्मी शिवंकर, सहायक पुलिस आयुक्त नम्रता देसाई, वरिष्ठ निरीक्षक कुमार घाडगे और ट्रैफिक विभाग की वरिष्ठ निरीक्षक माया देवरे शामिल थीं। अधिकारियों ने दुकानदारों और विक्रेताओं से बातचीत कर उन्हें सड़कों और फुटपाथों को साफ रखने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
माया देवरे ने कहा, “यह सर्वे लोगों को नगर निगम और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने हेतु किया गया है। रमज़ान के दौरान कोंढवा में भारी भीड़ होती है, इसलिए अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है।” उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग ट्रैफिक जाम से बचने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
स्थानीय नगरसेवक काशिफ सैयद ने बताया कि ट्रैफिक प्रबंधन में मदद के लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा, “करीब 20 स्वयंसेवक वार्ड 19 में विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर यातायात नियंत्रित किया जा सके। हमारा उद्देश्य निवासियों को होने वाली असुविधा को कम करना है।”
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि विक्रेता अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्टॉल हटाना और जुर्माना लगाना शामिल है। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि त्योहार के दौरान निगरानी जारी रहेगी, ताकि ट्रैफिक की समस्या और न बढ़े।
हालांकि, निवासियों ने निरीक्षण का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि लगातार सख्त कार्रवाई जरूरी है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यदि प्रशासन सतर्क रहा तो ट्रैफिक नियंत्रित किया जा सकता है। हमें बस साफ सड़कें और सुरक्षित आवाजाही चाहिए।”
संवादाता : यश सोलंकी


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