दौंड में छात्राओं ने कागज़ पर उकेरी भावनाओं की कविता
दौंड - श्रीमती विठाबाई चव्हाण कन्या विद्यालय में ‘काव्यलेखन कैसे करें’ विषय पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में सौ से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने स्वयं कविताएँ लिखीं। साहित्य क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले अनेक साहित्यकारों से प्रेरणा लेते हुए छात्राओं को अपने मन की भावनाओं को कविता के रूप में व्यक्त करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों की सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करने और उनके विचारों को दिशा देने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
विद्यालय की प्राचार्या एवं कवयित्री माधुरी प्रमोद काकडे ने कार्यशाला का मार्गदर्शन किया। इस दौरान कविता के विभिन्न प्रकार और पद्यलेखन की सामान्य विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। बालजीवन से जुड़े विषय जैसे घर, परिवार, स्कूल, पढ़ाई, मित्रता, प्रकृति और खेल आदि पर चर्चा की गई।
मराठी शिक्षिका शुभांगी काले ने छात्राओं द्वारा दिए गए विषयों पर लिखी गई कविताओं का संकलन किया। कार्यशाला में छात्राओं की सृजनशीलता खुलकर सामने आई और स्वनिर्माण का आनंद उनके चेहरों पर झलकता दिखाई दिया। लेखन का यह अनूठा अनुभव छात्राओं के लिए संतोषदायक रहा।
इस अवसर पर शर्वरी सोनवणे, स्वरा खोड़े, ईशा बहिरवाडे, सत्यम भंडारे और आर्या भंडारे सहित कई छात्राओं ने सामाजिक विषयों पर प्रभावी काव्यलेखन प्रस्तुत किया।
संवाददाता : प्रमोद दत्तात्रय काकडे

No Previous Comments found.