होलकरवाड़ी (डी ब्लॉक) के रहवासियों का आरोप – संपत्ति कर भरने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी
पुणे : शेलवाड़ी–होलकरवाड़ी गांव (डी ब्लॉक) के निवासियों ने नियमित रूप से संपत्ति कर भरने के बावजूद क्षेत्र में बुनियादी नागरिक सुविधाओं की लंबे समय से हो रही अनदेखी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
रहवासियों ने दो प्रमुख समस्याएं उठाई हैं—भीतर की सड़कों की अत्यंत खराब हालत और बंद पड़ी स्ट्रीटलाइट्स। उनका कहना है कि इन समस्याओं के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र की आंतरिक सड़कें गहरे गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सतह से भरी हुई हैं, जिससे आवागमन लगभग असंभव हो गया है। रहवासियों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य आपात वाहन खराब सड़कों के कारण इलाके में आने से कतराते हैं, जिससे बुजुर्गों और मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
हालांकि इलाके में स्ट्रीटलाइट के खंभे लगाए गए हैं, लेकिन कई महीनों से लाइटें बंद पड़ी हैं। रोशनी के अभाव में सूर्यास्त के बाद पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे खासकर कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रहवासियों का कहना है कि स्ट्रीटलाइट्स के अभाव में दुर्घटनाओं, असामाजिक गतिविधियों और छोटी-मोटी आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर के अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से कई शिकायतें दी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
शेलवाड़ी–होलकरवाड़ी के निवासी और पूर्व नौसेना कर्मी कमलेश सिंह राजपूत ने कहा, “हम नियमित रूप से संपत्ति कर भरते हैं, फिर भी हमारी बुनियादी जरूरतों की अनदेखी की जा रही है। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि आपातकाल में एंबुलेंस भी आने से हिचकिचाती है। रात में स्ट्रीटलाइट्स बंद रहने से पूरा इलाका अंधेरे में रहता है, जिससे परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हम प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण और शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग करते हैं।”
रहवासियों ने अब क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण, सड़कों और विद्युत व्यवस्था की तुरंत मरम्मत तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक शिकायत ट्रैकिंग नंबर जारी करने की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि समय पर हस्तक्षेप से आगे होने वाली असुविधाओं और संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।
रिपोर्टर : यश सोलंकी


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