महिला का आरोप— फाइब्रॉइड की जगह गर्भाशय निकाल दिया गया; चार डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज
पुणे : शहर में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 35 वर्षीय एक महिला का दावा है कि गर्भाशय फाइब्रॉइड के इलाज के लिए की गई सर्जरी के दौरान उसकी बिना सहमति के उसका गर्भाशय निकाल दिया गया। उसकी शिकायत के बाद पुलिस ने पुणे के एक निजी अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, महिला ने मंजरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उसके बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(ब) और 3(5) के तहत चारों डॉक्टरों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता, जो एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं, मुंधवा के केशवनगर क्षेत्र में रहती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में उन्होंने सोनोग्राफी जांच कराई थी, जिसमें डॉक्टरों ने उनके गर्भाशय में एक छोटा फाइब्रॉइड पाया था।
आगे के उपचार के लिए महिला को 13 सितंबर 2025 को मंजरी क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोनोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि फाइब्रॉइड को लेजर प्रक्रिया के माध्यम से हटाया जाएगा। उन्हें 14 सितंबर को फिर से भर्ती किया गया और 15 सितंबर को सर्जरी की गई।
महिला का आरोप है कि बाद में उन्हें पता चला कि फाइब्रॉइड हटाने की सहमति देने के बावजूद उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। इस कृत्य को अनधिकृत और जीवन बदल देने वाला बताते हुए उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस का रुख किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल रिकॉर्ड, सहमति दस्तावेज और संबंधित डॉक्टरों के बयान की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संवादाता : यश सोलंकी
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