‘सावित्री जत्रा’ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का आंदोलन बनी – सुनेत्रा अजित पवार
पुणे - महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और पुणे जिले की पालकमंत्री Sunetra Ajit Pawar ने शनिवार को कहा कि ‘सावित्री जत्रा’ पहल अब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाले एक बड़े आंदोलन के रूप में विकसित हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। वह सिंचन नगर स्थित कृषि महाविद्यालय के मैदान में आयोजित जिला स्तरीय बिक्री प्रदर्शनी ‘मिनी सरस सावित्री जत्रा’ के उद्घाटन समारोह में बोल रही थीं। इस प्रदर्शनी का आयोजन पुणे जिला परिषद द्वारा UMED–महाराष्ट्र स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन के सहयोग से किया गया है। कार्यक्रम में यशवंत पंचायत राज अभियान के अंतर्गत विभागीय स्तर के पुरस्कार और महा आवास अभियान के अंतर्गत जिला स्तर के पुरस्कार भी वितरित किए गए। सभा को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि यह आयोजन समाज सुधारक Savitribai Phule की विरासत से प्रेरित है और महिलाओं को शिक्षा व आत्मनिर्भरता के माध्यम से सशक्त बनाने के उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “सावित्री जत्रा केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा आंदोलन बन चुका है जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करता है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती मांग गर्व की बात है।”
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए पवार ने कहा कि यह प्रदर्शनी ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद, कौशल और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। इस प्रदर्शनी में लगभग 150 महिला स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं, जो ग्रामीण कला, परंपरा और संस्कृति को दर्शाने वाले उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,“यहां प्रदर्शित हर उत्पाद ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, सपनों और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। मैं पुणे के नागरिकों से अपील करती हूं कि वे इस प्रदर्शनी का दौरा करें और इन महिलाओं के उत्पाद खरीदकर उनका समर्थन करें।” कार्यक्रम के दौरान एक ही दिन में स्वयं सहायता समूहों को लगभग 40 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। पवार ने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित मिनी सरस सावित्री जत्रा में एक दिन में करीब 19 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए थे। वहीं पिछले एक वर्ष में स्वयं सहायता समूहों को लगभग 400 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए हैं, जो इस पहल के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। हाल ही में मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री Devendra Fadnavis द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट का उल्लेख करते हुए पवार ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना, एकल महिलाओं के कल्याण से जुड़ी नीतियों और ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम* जैसी पहलों का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि आने वाले वित्तीय वर्ष में 25 लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य के 13 जिलों में ‘UMED मॉल’ स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई है। पवार ने आगे कहा कि UMED पहल ने ग्रामीण महिलाओं को बाजारों से जोड़कर और उनके उत्पादों को उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केवल Pune जिले में ही लगभग 27,000 स्वयं सहायता समूह इस कार्यक्रम से जुड़े हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक महिला सदस्य शामिल हैं। इस पहल के तहत इन समूहों को अब तक 1,687 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए कई विपणन मंच स्थापित किए गए हैं, जिनमें 26 पुण्यश्री सुपर मार्केट, चार पुण्यश्री भोजनालय, आंबेगांव में एक सावित्री स्टोर और पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक सावित्री आउटलेट शामिल हैं। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में सांसद Dr. Medha Kulkarni, विधायक बापूसाहेब पठारे और शंकर मंडेकर, यशदा के उपनिदेशक डॉ. मल्लीनाथ कालाशेट्टी, उप आयुक्त नितिन माने, प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रकांत वाघमारे, ग्रामीण विकास एजेंसी की परियोजना निदेशक शालिनी कडू, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी भूषण जोशी तथा मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान की सद्भावना दूत शिवाली परब शामिल थे।
इस अवसर पर बोलते हुए सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चार करोड़ से अधिक घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिनमें से कई महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं। वहीं मुद्रा योजना के लगभग 60 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं।
प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रकांत वाघमारे ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को शहरी बाजारों से जोड़ना है, साथ ही ग्रामीण संस्कृति और उद्यमिता को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी पांच दिनों तक चलेगी और नागरिकों से इसमें आकर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को समर्थन देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री Sunetra Ajit Pawar ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों का दौरा भी किया, प्रतिभागियों से बातचीत की और महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को ऋण भी वितरित किए गए।
संवादाता - यश सोलंकी

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