बारामती के रिकॉर्ड पर दर्ज अपराधी को नागपुर सेंट्रल जेल भेजा गया
बारामती - तालुका पुलिस ने रिकॉर्ड पर दर्ज एक शातिर अपराधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उस पर महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्टिविटीज (MPDA) अधिनियम 1981 के तहत कार्रवाई की है। गंभीर अपराध करने के बावजूद सुधार न दिखाने वाले आरोपी को सीधे नागपुर सेंट्रल जेल में एक वर्ष के लिए नजरबंद किया गया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तांदुळवाडी (ता. बारामती) निवासी सुरेंद्र रविंद्र काजळे के खिलाफ पुणे ग्रामीण तथा बारामती क्षेत्र के विभिन्न पुलिस थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें डकैती, मारपीट, गंभीर चोट, छेड़छाड़ और धोखाधड़ी जैसे अपराध शामिल हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के कारण उसके खिलाफ महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्टिविटीज (MPDA) अधिनियम 1981 के तहत प्रस्ताव तैयार किया गया। यह प्रस्ताव पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक के माध्यम से पुणे के जिलाधिकारी को भेजा गया। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद जिलाधिकारी ने आरोपी को एक वर्ष के लिए नजरबंद करने का आदेश जारी किया। आदेश के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को नागपुर केंद्रीय कारागृह भेज दिया। बारामती तालुका पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के नागरिकों में संतोष व्यक्त किया जा रहा है और अपराधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कार्रवाई पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार,उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन राठोड, स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अविनाश शिळीमकर के मार्गदर्शन में की गई। बारामती पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर यादव, सहायक पुलिस निरीक्षक विक्रम पवार, पुलिस कर्मचारी महेश बनकर, स्थानीय अपराध शाखा तथा सागर देशमाने और विकास खाडे (बारामती तालुका पुलिस स्टेशन) ने इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
"बारामती विभाग में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की भूमिका सख्त है। रिकॉर्ड पर दर्ज और शातिर अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। समाज में दहशत फैलाने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। बार-बार अपराध करने वालों पर एमपीडीए जैसे कठोर कानून के तहत सीधे कार्रवाई होगी।" — गणेश बिरादार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक "बारामती उपविभाग में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बार-बार अपराध करने वालों पर विशेष निगरानी रखकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।" सुदर्शन राठोड, उपविभागीय पुलिस अधिकारी "जिले में अपराध पर नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2025 और 2026 के दौरान अब तक 16 गुंडों को एमपीडीए के तहत नजरबंद किया गया है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कानून का डर कायम करना और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना हमारा मुख्य उद्देश्य है।"
रिपोर्टर - प्रभव चंद्रकांत काले

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