विधायक राहुल कुल ने उठाया साइबर सुरक्षा का मुद्दा,मुख्यमंत्री फडणवीस ने समिति बनाने का दिया आश्वासन

पुणे - महाराष्ट्र विधानसभा के चालू सत्र में विधायक राहुल कुल ने राज्य में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स के जरिए की जा रही बदनामी के मामलों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। इस गंभीर विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित करने का आश्वासन दिया। डिजिटल दौर में नागरिकों की सुरक्षा के लिए इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।

विधायक राहुल कुल की प्रमुख मांगें

विधानसभा में चर्चा के दौरान राहुल कुल ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में साइबर अपराधों की जांच और नियंत्रण के लिए साइबर पुलिस तंत्र को और मजबूत करना आवश्यक है। इसके तहत नए साइबर पुलिस स्टेशन शुरू किए जाएं और लगभग 1000 पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही ‘महाराष्ट्र साइबर’ परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक लैब और विशेषज्ञों की नियुक्ति अगले 6 से 8 महीनों में पूरी करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने साइबर अपराधों के मामलों का तेजी से निपटारा करने के लिए फास्ट ट्रैक साइबर कोर्ट स्थापित करने और ऐसे मामलों के लिए विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति करने का भी सुझाव दिया।

फेक अकाउंट्स और बदनामी रोकने के लिए सख्त कानून की मांग

विधायक राहुल कुल ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की छवि खराब करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार के प्रस्तावित ‘डिजिटल इंडिया एक्ट’ के अनुरूप एक सख्त साइबर सुरक्षा कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि फर्जी प्रोफाइल और भ्रामक सामग्री को पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि गलत और अपमानजनक सामग्री फैलने से पहले ही उस पर कार्रवाई हो सके। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से बिना किसी ठोस सबूत के किसी की बदनामी करने के मामलों को रोकने के लिए कानून में आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इसके लिए पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी,जो विस्तृत अध्ययन कर सरकार को अपनी सिफारिशें देगी। उन सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी उठा चुके हैं यह मुद्दा

गौरतलब है कि विधायक राहुल कुल ने इससे पहले भी वर्ष 2023 के शीतकालीन सत्र में साइबर सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था। उनका कहना है कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं रहा, बल्कि यह सीधे नागरिकों की निजता और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल बन गया है।

रिपोटर : अर्जुन मंडवाले

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