लोहेगांव में आरक्षण हटाकर ‘भारत मंडपम’ बनाने का प्रस्ताव, सामाजिक संगठनों ने जताया विरोध
पुणे - लोहेगांव क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित महत्वपूर्ण जमीन का आरक्षण हटाकर वहां लगभग साढ़े ग्यारह हेक्टेयर क्षेत्र में ‘भारत मंडपम’ जैसा सांस्कृतिक केंद्र बनाने का प्रस्ताव आज (सोमवार) महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा में पेश किया जाने वाला है। इस प्रस्ताव को लेकर नागरिकों ने आपत्ति जताई है और इसे उनके मूलभूत अधिकारों पर आघात बताया है। सामाजिक संगठनों ने राजनीतिक दलों से इस प्रस्ताव का विरोध करने की मांग की है। लोहेगांव के सर्वे नंबर 236 और 238 की करीब 11.32 हेक्टेयर जमीन पर दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर सांस्कृतिक केंद्र बनाने का प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी के पुणे कैंटोनमेंट क्षेत्र के विधायक सुनील कांबले द्वारा राज्य सरकार को दिया गया था। इस केंद्र के निर्माण के लिए महानगरपालिका ने 2017 के विकास आराखड़े (डीपी) में इस जमीन के आरक्षण में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू की है।
इस जमीन पर पहले से ही सीवरेज, उद्यान, खेल का मैदान, अस्पताल और सब्जी मंडी जैसी विभिन्न नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षण निर्धारित है। इन आरक्षणों को हटाने की तैयारी राज्य सरकार द्वारा की जा रही थी। हालांकि, इस प्रक्रिया में स्थानीय नागरिकों की राय नहीं ली गई, ऐसा आरोप लगाया गया है। इसके चलते महानगरपालिका ने आपत्तियां और सुझाव मांगकर उनकी सुनवाई भी की। इन आपत्तियों और सुझावों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने का प्रस्ताव शहर सुधार समिति में रखा गया था, जिसे फरवरी में मंजूरी मिल चुकी है। अब इस प्रस्ताव को राज्य सरकार को भेजने के लिए सोमवार को सर्वसाधारण सभा में अंतिम मंजूरी दी जाएगी, जिससे यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
संवादाता - यश सोलंकी

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