कोंढवा में तनाव पुलिस ने रोकी ‘हिंदू जनाक्रोश मोर्चा’ रैली, भारी सुरक्षा तैनात
पुणे - भाजपा विधायक Gopichand Padalkar और अन्य नेताओं के नेतृत्व में निकाली गई एक रैली,जिसमें रमजान के दौरान अस्करवाड़ी में इफ्तार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी, को मंगलवार को पुलिस ने रोक दिया। इससे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इस विरोध प्रदर्शन को ‘हिंदू जनाक्रोश मोर्चा’ बताया गया, जो हाल ही में बोपदेव घाट की घटना के बाद सासवड से कोंढवा तक आयोजित किया गया था। इस घटना में लगभग 14 लोगों पर करीब 150 लोगों की भीड़ ने हमला किया था, जब वे अस्करवाड़ी झील के पास रोजा खोलने गए थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक स्थान पर इफ्तार आयोजित करने के आरोप में 14 लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। यह रैली, जिसमें बड़ी संख्या में बाइक रैली शामिल थी, पदालकर के साथ विधायक संग्राम जगताप और पूर्व विधायक संजय जगताप के नेतृत्व में निकाली गई थी। इसका समापन कोंढवा के खादी मशीन चौक पर होना था, जहां पदालकर को सभा को संबोधित करना था। हालांकि,पुलिस ने रैली को गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रमुख मार्गों पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया, बैरिकेडिंग की और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया। रैली रोके जाने के बावजूद, पदालकर और संग्राम जगताप करीब एक घंटे तक आगे बढ़ने पर अड़े रहे,जबकि पुलिस उन्हें रोकती रही।
अधिकारियों के अनुसार, संभावित अशांति को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खादी मशीन चौक के पास मुस्लिम समुदाय के लोग भी इकट्ठा होने लगे थे, जिससे रैली आगे बढ़ने पर टकराव की आशंका बढ़ गई थी। इस विरोध प्रदर्शन में तथाकथित “लव जिहाद” और पुरंदर तालुका में भूमि लेनदेन से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए, जहां नेताओं ने मंच के माध्यम से व्यापक चिंताओं को व्यक्त किया। तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद, पुलिस ने क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति बनाए रखी ताकि हालात नियंत्रण में रहें।
संवादाता - यश सोलंकी


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