NIBM रोड पर टैंकर हादसे में 19 वर्षीय युवक की मौत, एसएम घुले सर्कल को बताया गया ‘डेथ ट्रैप’

मोहम्मदवाड़ी - NIBM रोड पर टैंकर से जुड़े हादसे में 19 वर्षीय आरिज शेख की मौत के बाद इलाके में नागरिक योजना और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों ने एसएम घुले सर्कल को “डेथ ट्रैप” बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पुणे महानगरपालिका (PMC) और पुणे सिटी पुलिस को दी गई एक विस्तृत शिकायत में मोहम्मदवाड़ी और निंब एनेक्स के निवासियों ने आरोप लगाया है कि खराब सड़क डिजाइन और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण निंब-मोहम्मदवाड़ी कॉरिडोर में खतरनाक स्थिति बन गई है। निवासी जयमाला धानिकर द्वारा दायर इस शिकायत में जंक्शन के तुरंत पुनःडिजाइन और पानी के टैंकरों पर सख्त नियंत्रण की मांग की गई है। आरिज शेख की 5 अप्रैल को मौत हो गई, जब एक तेज रफ्तार पानी के टैंकर ने एसएम घुले सर्कल के पास क्लाउड 9–आनंदवन मार्ग पर उनकी दोपहिया को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा सड़क इंजीनियरिंग, ट्रैफिक प्रबंधन और टैंकर संचालन में गहरी खामियों को उजागर करता है। नगर आयुक्त, पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज पाटिल को संबोधित शिकायत में कहा गया है कि एसएम घुले सर्कल का डिजाइन बुनियादी सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है। याचिका के अनुसार, जंक्शन में भारी वाहनों के लिए पर्याप्त मोड़ (टर्निंग रेडियस) नहीं है, लेन चैनलाइजेशन की कमी है और ब्लाइंड मर्जिंग पॉइंट्स हैं, जिससे चालकों की दृश्यता कम हो जाती है। कई दिशाओं से तेज रफ्तार में वाहन सर्कल में प्रवेश करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। निवासियों का कहना है कि निजी पानी के टैंकरों की भारी आवाजाही से जोखिम और बढ़ जाता है। इलाके में पानी की कमी के कारण टैंकर दिन में कई बार चक्कर लगाते हैं, अक्सर बिना किसी प्रभावी गति नियंत्रण या निगरानी के।

स्थानीय निवासी राज सिंह ने कहा कि यह समस्या वर्षों से बढ़ रही है। “यह रास्ता अब पूरी तरह से डेथ ट्रैप बन चुका है। टैंकर पूरे दिन तेज रफ्तार में चलते हैं और सर्कल की बनावट खतरनाक मोड़ लेने को मजबूर करती है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो और जानें जा सकती हैं।”

एक अन्य निवासी मीनू इरानी ने कहा कि टैंकर संचालन लगभग बिना किसी नियंत्रण के हो रहा है। “कोई उचित निगरानी नहीं है। कई वाहन खराब स्थिति में हैं और ड्राइवरों पर रोज कई ट्रिप पूरे करने का दबाव रहता है। प्रशासन को GPS ट्रैकिंग, स्पीड गवर्नर और पीक आवर्स में टैंकर एंट्री पर रोक लगानी चाहिए।” संध्या गोखले ने इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “हर हादसे के बाद चर्चा होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं होता। यहां न स्पीड कंट्रोल उपाय हैं, न सही साइनबोर्ड और न ही ट्रैफिक मॉनिटरिंग। पैदल यात्री और वाहन चालक दोनों असुरक्षित महसूस करते हैं।”

याचिका में मांग की गई है कि एसएम घुले सर्कल को भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार फिर से डिजाइन किया जाए। साथ ही स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप्स और स्पष्ट ट्रैफिक संकेतक लगाए जाएं। निवासियों ने बेहतर लेन व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षा और भारी वाहनों पर सख्त नियम लागू करने की भी मांग की है। इसके अलावा, टैंकरों की GPS आधारित निगरानी, स्पीड कंट्रोल सिस्टम, लाइसेंस जांच और पीक समय में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध की भी मांग की गई है। साथ ही ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती, स्पीड कैमरा लगाने और पूरे निंब-मोहम्मदवाड़ी मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कराने की जरूरत बताई गई है।

शिकायत में PMC से जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है, क्योंकि निवासी इस सड़क डिजाइन को मूल रूप से असुरक्षित मानते हैं। निवासियों ने चेतावनी दी है कि आरिज शेख की मौत कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र में टैंकर से जुड़े हादसों की लगातार बढ़ती घटनाओं का हिस्सा है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं किए गए, तो यह मार्ग एक बड़ा दुर्घटना ब्लैक स्पॉट घोषित हो सकता है।

संवादाता - यश सोलंकी 

 

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