पोर्शे केस में फिर भड़का जनाक्रोश, जमानत के बाद कथित जश्न के वीडियो पर पीड़ित परिवार ने उठाए सवाल
पुणे : वर्ष 2024 के चर्चित पुणे पोर्शे दुर्घटना मामले को लेकर जनता का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर अग्रवाल परिवार के कुछ सदस्य सबूतों से छेड़छाड़ मामले में आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जश्न मनाते दिखाई दिए, जिसके बाद विवाद फिर से गहरा गया है। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मृतक अश्विनी कोश्टा के पिता सुरेश कोश्टा ने आरोप लगाया कि यह जश्न कानून के प्रति भय की कमी और पीड़ित परिवारों की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। एएनआई से बातचीत में सुरेश कोश्टा ने सवाल उठाया कि क्या वर्तमान कानून लापरवाह व्यवहार और अपराधों को रोकने के लिए पर्याप्त सख्त हैं। उन्होंने किशोरों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के कथित दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की। पीड़ित के पिता ने निचली अदालतों के फैसलों और बाद में उच्च अदालतों द्वारा दी गई राहत के बीच विरोधाभास की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं। उन्होंने आरोपियों को दी गई जमानत रद्द करने और मामले में कथित रूप से शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह मामला मई 2024 का है,जब पुणे में एक लग्जरी कार,जिसे कथित तौर पर एक नाबालिग चला रहा था,एक मोटरसाइकिल से टकरा गई थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया था कि आरोपियों को बचाने के लिए रक्त नमूनों और चिकित्सकीय साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई। जांच में मेडिकल रिपोर्ट को प्रभावित करने के उद्देश्य से किए गए कथित वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की गई थी। इसी वर्ष फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ मामले में तीन आरोपियों को कुछ शर्तों के साथ जमानत प्रदान की थी। अदालत ने कहा था कि घटना ने लापरवाही और अभिभावकीय जिम्मेदारी को लेकर गंभीर चिंताएं जरूर पैदा की हैं, लेकिन उस समय तक आरोपियों को लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं माना जा सकता था।
संवादाता - यश सोलंकी

No Previous Comments found.