उंड्री स्थित गंगा फर्नहिल प्रोजेक्ट में ₹2.03 करोड़ की हाउसिंग धोखाधड़ी का खुलासा,

पुणे - उंड्री स्थित गंगा फर्नहिल आवासीय परियोजना में ₹2.03 करोड़ से अधिक की कथित हाउसिंग धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के एक पूर्व वरिष्ठ बिक्री प्रबंधक (सीनियर सेल्स मैनेजर), एक CRM अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसके बैंक खाते का इस्तेमाल ग्राहकों से प्राप्त रकम को कथित रूप से दूसरी दिशा में भेजने के लिए किया गया। एफआईआर के अनुसार,यह कथित धोखाधड़ी अगस्त 2024 से मार्च 2026 के बीच गंगा फर्नहिल प्रोजेक्ट में हुई। शिकायत में पूर्व सीनियर सेल्स मैनेजर साइमन रोनी पीटर, CRM टीम के सदस्य विक्रम सदाशिव अबनावे और हरियाणा के गुरुग्राम निवासी बी. चंद्रशेखर का नाम शामिल है। आरोप है कि ग्राहकों की रकम बी. चंद्रशेखर के निजी बैंक खाते में जमा कराई गई।

मामले का खुलासा तब हुआ जब बिक्री विभाग के एक कर्मचारी ने कंपनी अधिकारियों को जानकारी दी कि फ्लैट और पार्किंग की बुकिंग से संबंधित भुगतान कंपनी के आधिकारिक खातों के बजाय अन्य माध्यमों से लिए जा रहे हैं। इसके बाद की गई आंतरिक जांच में पता चला कि कई खरीदारों ने कंपनी के खाते की बजाय एक निजी बैंक खाते में रकम जमा की थी, जबकि कुछ भुगतान नकद में भी स्वीकार किए गए थे।

जांच के दौरान साइमन पीटर ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने निजी खाते के माध्यम से धनराशि प्राप्त की और कंपनी की आधिकारिक रसीदों जैसी दिखने वाली फर्जी रसीदें जारी कीं। इन रसीदों पर कंपनी की नकली मुहर भी लगाई गई थी। कंपनी अधिकारियों के अनुसार, फर्जी रसीदें असली दस्तावेजों से इतनी मिलती-जुलती थीं कि ग्राहकों के लिए धोखाधड़ी का पता लगाना बेहद मुश्किल था।

एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि CRM अधिकारी विक्रम अबनावे ने कंपनी के सॉफ्टवेयर सिस्टम में कुछ फ्लैटों के लिए फर्जी भुगतान प्रविष्टियां (एंट्री) दर्ज कीं। इन फर्जी प्रविष्टियों के आधार पर संबंधित खरीदारों को अस्थायी कब्जा पत्र (टेम्पररी पजेशन लेटर) जारी किए गए, जबकि कंपनी को वास्तविक भुगतान प्राप्त नहीं हुआ था। बाद में इन रिकॉर्ड्स में फिर से बदलाव कर कथित अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया गया। जांचकर्ताओं ने परियोजना की विभिन्न इमारतों में 30 से अधिक फ्लैट खरीदारों से जुड़े भुगतान की पहचान की है। अब तक की जांच में ₹2,03,78,905 की राशि के कथित गबन (दुरुपयोग) का अनुमान लगाया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

 संवादाता - यश सोलंकी 

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