जेजुरी क्षेत्र के 9 ब्लैक स्पॉट की संयुक्त जांच; दुर्घटनाएं 15% कम करने का महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य
पुणे - पुरंदर महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 15 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य तय किया है। इसी उद्देश्य से पुणे जिले के जेजुरी पुलिस थाना क्षेत्र में दुर्घटना संभावित यानी ब्लैक स्पॉट स्थानों का मंगलवार को संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में पुलिस,हाईवे पुलिस,परिवहन विभाग,सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी और स्थानीय पत्रकार शामिल हुए। उपविभागीय पुलिस अधिकारी राजेंद्रसिंह गौर के मार्गदर्शन में और पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक जेजुरी-मोरगांव, जेजुरी-नीरा और जेजुरी-सासवड मार्गों पर मौजूद 9 दुर्घटना संभावित स्थानों का मौके पर जाकर जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था, दिशा सूचक बोर्ड, गति नियंत्रण व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों का बारीकी से अध्ययन किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद सड़क हादसे रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय सुझाए गए। इन उपायों में रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाना,स्पीड लिमिट बोर्ड लगाना,रंबल स्ट्रिप्स बनाना,रोड मार्किंग को स्पष्ट करना,जेब्रा क्रॉसिंग को बेहतर करना,डिवाइडर पर कैट आई लगाना,प्रकाश व्यवस्था में सुधार करना और वाहन चालकों के लिए जनजागरूकता अभियान चलाना शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि मावडी बस स्टॉप, एमआईडीसी कार्यालय परिसर, दौंडज खिंड, भैरवनाथ मंदिर परिसर, आईसीयू हॉस्पिटल और श्री विठ्ठल ढाबा इन स्थानों पर पहले ही स्थायी सुरक्षा उपाय किए गए हैं, जिसके कारण वहां दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है। लेकिन जेजुरी-मोरगांव मार्ग पर काला ओढा–नाझरे कप फाटा क्षेत्र अभी भी गंभीर दुर्घटना संभावित स्थान बना हुआ है। यहां बार-बार होने वाले हादसों को रोकने के लिए तत्काल विशेष उपाययोजना लागू करने का निर्णय लिया गया है।
संबंधित विभागों ने जल्द से जल्द आवश्यक काम पूरे करने और जानलेवा तथा गंभीर सड़क हादसों को रोकने के लिए विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया है। जेजुरी क्षेत्र में बढ़ते यातायात को देखते हुए यह संयुक्त निरीक्षण सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि बेहतर नियोजन और सुरक्षा उपायों के जरिए दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
संवाददाता - प्रा. संतोष जगताप
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