पुणे की आईटी कंपनी में ₹1.96 करोड़ का घोटाला, फर्जी बिलिंग और मोबाइल फोन की अवैध बिक्री का खुलासा

पुणे : स्थित आईटी कंपनी असेसा सॉफ्ट (Asesa Soft) में एक बड़े आंतरिक घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने फर्जी बिलिंग, डिस्काउंट नीति के दुरुपयोग और कंपनी के स्वामित्व वाले मोबाइल फोन की अवैध बिक्री के जरिए कंपनी को 1.96 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इस मामले में अर्नब चटर्जी, अब्दुल्ला कुरैशी और हेमंत जुनेजा समेत उनके सहयोगियों को आरोपी बनाया गया है। सुरेश मधुकर कदम द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घोटाला वर्ष 2024 से 2026 के बीच कोरेगांव पार्क स्थित सुजोग प्लैटिनम टॉवर में कंपनी के कार्यालय से संचालित किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य आरोपी अर्नब चटर्जी ने कंपनी की आंतरिक प्रणालियों का दुरुपयोग कर फर्जी विज्ञापन चालान (इनवॉइस) और अनधिकृत छूट तैयार कीं, जिनका उपयोग सह-आरोपियों ने अवैध रूप से कंपनी की संपत्तियां हासिल करने के लिए किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, महंगे मोबाइल फोन को हड़पने के लिए फर्जी ग्राहक पते बनाए गए और बाद में इन फोन को बाजार में बेच दिया गया, जिससे कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। फिलहाल साइबर पुलिस सर्वर लॉग, लैपटॉप और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजयकुमार डोके के नेतृत्व में संबंधित आईटी अधिनियम की धाराओं के तहत की जा रही है।

रिपोर्टर : यश सोलंकी 

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