"आस्था के शहर जेजुरी का बदहाल प्रवेश द्वार! श्रद्धालुओं का स्वागत या खतरे का संकेत?"
पुणे - पुरंदर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्रीक्षेत्र जेजुरी में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग,टोल नाका परिसर की बदहाल स्थिति अब चिंता का विषय बन गई है। प्रवेश द्वार के आसपास जर्जर संरचना,अव्यवस्थित परिसर और रखरखाव की कमी साफ दिखाई दे रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनहित के लिए बनाए गए इस प्रवेश द्वार की नियमित देखभाल संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है,लेकिन इस ओर लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा,शहर की छवि और पर्यटन की दृष्टि से यह प्रवेश मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रवेश द्वार की तत्काल मरम्मत,सौंदर्यीकरण और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं,ताकि जेजुरी आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में हो सके।
अब सवाल यह है कि क्या आस्था की नगरी जेजुरी का प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहा है,या फिर बदहाली और खतरे की तस्वीर पेश कर रहा है?
संवाददाता - प्रा. संतोष जगताप
No Previous Comments found.