खड़कवासला बांध से जल छोड़ने के बाद एकतानगरी में बाढ़ जैसे हालात, पीएमसी ने चलाया राहत एवं बचाव अभियान
हवेली : लगातार हो रही बारिश और खड़कवासला बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण शुक्रवार को मुठा नदी के किनारे बाढ़ जैसे हालात बन गए। स्थिति को देखते हुए पुणे महानगरपालिका (PMC) ने एकतानगरी क्षेत्र में बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
जल पूजन अपार्टमेंट, शारदा सोसायटी, द्वारका और आनंद पार्क में रहने वाले लगभग 40 परिवारों के 100 निवासियों को सुरक्षित निकालकर पास के बैडमिंटन हॉल में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया गया।
शाम 5 बजे तक खड़कवासला बांध पूरी क्षमता से भर गया था और वहां से 43,571 क्यूसेक पानी मुठा नदी में छोड़ा जा रहा था, जिससे नदी किनारे के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच खड़कवासला जलग्रहण क्षेत्र में 56.60 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही सिंहगढ़ रोड वार्ड कार्यालय के अधिकारी, अभियंता और आपदा प्रबंधन दल तुरंत प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। राहत एवं बचाव अभियान पीएमसी के सहायक आयुक्त एवं इंसिडेंट कमांडर की निगरानी में विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित किया गया।
पीएमसी का आपदा प्रबंधन कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। अग्निशमन विभाग, सड़क विभाग, ड्रेनेज विभाग, विद्युत विभाग तथा क्षेत्रीय कार्यालयों की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), सी-डैक (C-DAC), जिला कलेक्टर कार्यालय, यातायात पुलिस तथा जल संसाधन विभाग के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।
नगर आयुक्त के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत शिविर भी तैयार रखे गए हैं। पीएमसी ने शहर के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में 49 राहत केंद्र स्थापित किए हैं।
महानगरपालिका ने चेतावनी दी है कि यदि बांध से पानी का प्रवाह फिर बढ़ाया गया तो वारजे तपोधाम, पाटिल एस्टेट, पुलाची वाडी और राजपूत वस्ती जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। नागरिकों से सतर्क रहने, नदी के पात्र में प्रवेश न करने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
अपडेट: रात 10:30 बजे से जल संसाधन विभाग ने खड़कवासला बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा घटाकर 16,247 क्यूसेक कर दी, जिससे कुछ राहत मिली। हालांकि लगातार बारिश को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
रिपोर्टर : यश सोलंकी
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