14 अगस्त को भूलना नहीं चाहिए; विभाजन की पीड़ा से लें राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा’
दौंड - देशभर में कल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस उत्साह और गौरव के साथ मनाया जाएगा। लेकिन स्वतंत्रता की खुशी के साथ 14 अगस्त 1947 को हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी और उस दौरान देशवासियों द्वारा झेली गई पीड़ा को भी याद रखना जरूरी है। यह विचार डॉ. हेडगेवार समिति, दौंड के अध्यक्ष दत्ताजी शिनोलीकर ने व्यक्त किए।
शिशु विकास मंदिर विद्यालय में 14 अगस्त के उपलक्ष्य में ‘भारत-पाकिस्तान विभाजन’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए दत्ताजी शिनोलीकर ने कहा कि 15 अगस्त को हम स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं, लेकिन इस स्वतंत्रता को प्राप्त करने के लिए असंख्य ज्ञात-अज्ञात देशभक्तों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी तथा लाखों परिवारों को विस्थापन का दर्द सहना पड़ा।
उन्होंने कहा कि विभाजन की इन घटनाओं को केवल इतिहास का एक अध्याय समझकर भूलना नहीं चाहिए। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों और विभाजन की पीड़ा से प्रेरणा लेकर राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भावना को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम में संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्याम वाघमारे, सचिव कृष्णा गावडे, मुख्याध्यापिका नीता निरमल सहित शिक्षकवृंद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वंदना गावडे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अशोक पानसरे ने किया।
रिपोर्टर - प्रमोद दत्तात्रय काकडे
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