फर्जी दस्तावेजों के जरिए सहकारी बैंक से 10.50 लाख रुपये का वाहन ऋण लेकर धोखाधड़ी
पुणे - महिंद्रा कंपनी की स्कॉर्पियो कार खरीदने के लिए सह्याद्री मोटर्स के माध्यम से ऋण लेने का आवेदन कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए धन्वंतरी नागरी सहकारी पतसंस्था से 10 लाख 50 हजार रुपये का वाहन ऋण लेकर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में धन्वंतरी नागरी सहकारी पतसंस्था की ओर से विजय भगवान शिर्के (उम्र 45 वर्ष, निवासी पार्थ दर्शन सोसायटी, आंबेगांव) ने सहकारनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्वप्नील हनुमंत लिपाणे (निवासी तेलको सोसायटी, जांभुळवाड़ी रोड, दत्तनगर, आंबेगांव) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना धनकवडी स्थित धन्वंतरी पतसंस्था की शाखा में 2 जनवरी 2019 से 4 फरवरी 2019 के बीच हुई।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी स्वप्नील लिपाणे ने धन्वंतरी नागरी सहकारी पतसंस्था में महिंद्रा कंपनी की स्कॉर्पियो कार खरीदने के लिए सह्याद्री मोटर्स के माध्यम से ऋण का आवेदन किया था। इस आवेदन के साथ पतसंस्था को गुमराह करने के उद्देश्य से सह्याद्री मोटर्स के इनवॉइस, इंश्योरेंस पॉलिसी समेत अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पतसंस्था से 10 लाख 50 हजार रुपये का ऋण मंजूर कराया गया। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक की फातिमानगर शाखा में सह्याद्री मोटर्स के नाम से फर्जी खाता खोलकर उसमें 10 लाख 50 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कराया गया। ऋण की राशि और उस पर ब्याज नहीं चुकाकर आरोपी ने पतसंस्था के साथ धोखाधड़ी की। इस मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक सोनाली मिणेर कर रही हैं।
संवादाता - यश सोलंकी
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