सेवा और संवेदना का सम्मान; डॉ. विनोद राजपुरे को ‘आदर्श चिकित्सा अधिकारी पुरस्कार’ गरीब मरीजों की सहायता और समर्पित चिकित्सा सेवा के लिए ‘इंदापुर संचार’ ने किया गौरव
पुणे : चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाले इंदापुर उपजिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी एवं अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद दत्तात्रय राजपुरे को महाराष्ट्र के कृषी मंत्री दत्तात्रयमामा भरणे के कर कमलो द्वारा
आदर्श चिकित्सा अधिकारी पुरस्कार–२०२६’ से सम्मानित किया गया। साप्ताहिक ‘इंदापुर संचार’ के प्रथम वर्षगांठ समारोह के अवसर पर १ नवंबर को उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
डॉ. राजपुरे पिछले करीब दो दशकों से चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत हैं। हड्डियों और जोड़ों से संबंधित बीमारियों के उपचार के साथ मरीजों को मानसिक संबल देना उनकी कार्यशैली की विशेषता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परिस्थितियों को समझकर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के लिए वे प्रयासरत रहते हैं।
प्रकाशित परिचय के अनुसार, इंदापुर के मजदूर अड्डे पर आने वाले श्रमिकों तथा दुर्घटना में घायल जरूरतमंदों का उन्होंने निःशुल्क उपचार किया है। मरीज की आर्थिक स्थिति उसके इलाज में बाधा न बने, इस भावना से किए जाने वाले उनके कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
उनके सेवाकार्य को आकार देने में पारिवारिक संस्कारों की भी भूमिका रही है। उनके पिता महाराष्ट्र शासन के कृषि विभाग से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। जरूरतमंदों की सहायता और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख उन्हें परिवार से मिली।
‘इंदापुर संचार’ के संपादक सागर शिंदे और उपसंपादिका मोहिनी शिंदे भोसले के नाम अंकित सम्मानचिह्न के माध्यम से उनके योगदान का गौरव किया गया। यह पुरस्कार डॉ. राजपुरे की चिकित्सा सेवा के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता का सम्मान है।
रिपोर्टर : प्रमोद दत्तात्रय काकडे

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