दीपावली पर साकार होगा शिवकालीन दुर्गों का वैभव; दौंड में किला निर्माण प्रतियोगिता
दौंड - छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरणादायी इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराने और दीपावली पर पारंपरिक किला निर्माण की परंपरा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दौंड में भव्य किला निर्माण प्रतियोगिता–२०२६ आयोजित की गई है। श्री मुंजाबा सेवा प्रतिष्ठाण ट्रस्ट, श्वास वृक्ष संवर्धन संस्था एवं राजेश पाटील मित्र मंडल, दौंड के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन किया जा रहा है। ‘छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रेरणादायी इतिहास याद करें, आइए किले बनाएं’ संदेश के साथ आयोजित इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसमें शामिल हो सकते हैं। प्रतियोगिता के लिए पारंपरिक पद्धति से किले बनाना आवश्यक है।
प्रतिभागियों को ८ नवंबर २०२६ तक पंजीकरण कराना होगा। किलों का मूल्यांकन ९ से ११ नवंबर के बीच किया जाएगा। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम रहेगा। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार ३,३३३ रुपये, द्वितीय पुरस्कार २,२२२ रुपये और तृतीय पुरस्कार १,१११ रुपये रखा गया है। विजेताओं को आकर्षक स्मृतिचिह्न भी प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रतिभागी को सम्मानपत्र और एक स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा।
दीपावली पर मिट्टी के किले बनाने की परंपरा बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ उन्हें महाराष्ट्र की ऐतिहासिक विरासत से जोड़ती है। आयोजकों ने नागरिकों से उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। पंजीकरण एवं अधिक जानकारी के लिए ९७६४७४७४७१, ९७६७२३४२३४ अथवा ७०२८४००२३४ पर संपर्क किया जा सकता है।
संवाददाता - प्रमोद काकडे

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