17 करोड़ का महल बुक, दो चार्टर्ड प्लेन तैयार... और ऐन वक्त पर दूल्हे की लाश!

आज एक ऐसी खौफनाक और दिल को छलनी कर देने वाली दास्तान आपके सामने लेकर आया हूँ, जिसे सुनकर आपका प्यार, वफा और रिश्तों पर से भरोसा उठ जाएगा। जरा सोचिए, एक बाप अपने 26 साल के जवान बेटे के सिर पर सेहरा सजाने के सपने देख रहा हो, मां चाव से शादी के गीत गा रही हो, राजस्थान का 17 करोड़ का आलीशान महल बुक हो चुका हो, मेहमानों के लिए दो-दो चार्टर्ड प्लेन तैयार खड़े हों...और अचानक खबर आए कि उसी दूल्हे की लाश 400 फीट गहरी खाई में मिली है! कलेजा कांप उठता है यह सोचकर कि जिस मंगेतर को केतन अपनी पलकों पर बिठाकर रखता था, जिसे प्रिंसेस ट्रीटमेंट देता था, वही लड़की उसके खून की प्यासी निकली! जी हां पुणे के ऐतिहासिक लोहगढ़ किले से पैर फिसलने की जिस खबर को एक हादसा मानकर दबाने की कोशिश की गई थी, पुलिस तफ्तीश में वो रूह कंपा देने वाली सोची-समझी साजिश निकली है! सिया गोयल नाम की उस कलयुगी मंगेतर ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को मौत के घाट उतार दिया। केतन के लाचार पिता की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं, वो सिसकते हुए बस एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि 'अगर सिया को शादी नहीं करनी थी, तो साफ मना कर देती, मेरे हंसते-खेलते बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?' आज इस खूनी साजिश की एक-एक सनसनीखेज जानकारी हम आपके सामने रखेंगे। 

आज सोशल मीडिया पर केतन और सिया की खुशियों से भरी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर कोई भी धोखा खा जाए। एक वीडियो में दिखता है कि केतन अपनी मंगेतर सिया के लिए उसके जन्मदिन से पहले एक आलीशान प्री-बर्थडे सरप्राइज प्लान करता है। वो उसे एक लग्जरी कार में पिक करता है, प्यार से गुलाब के फूल देता है और जैसे ही कार का सनरूफ खुलता है, मानो गुलाब की चादर बिछी नजर आती है। सिया भी खुश होकर उसे गले लगा लेती है। इसके बाद दोनों एक रोमांटिक डेट पर लाइव म्यूजिक पर डांस करते दिखते हैं। लेकिन किसे पता था कि सोशल मीडिया पर दिख रही यह परफेक्ट लव स्टोरी अंदर से इतनी खोखली और जानलेवा थी! सिया अपने प्रेमी चेतन चौधरी के प्यार में इस कदर अंधी हो चुकी थी कि उसने सगाई तोड़ने और बदनामी मोल लेने के बजाय, केतन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक रास्ता चुना। पुलिस की चार्जशीट और बयानों से जो खुलासा हुआ है, वो किसी थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा है।  जी हां सिया और चेतन पिछले कई दिनों से केतन की जान के पीछे हाथ धोकर पड़े थे और सही वक्त का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने एक बार नहीं बल्कि तीन बार केतन को मारने की कोशिश की। 

पहली कोशिश 31 मई को

सिया पहली बार केतन को लोहगढ़ किला लेकर गई थी। वहां उसने सुनसान जगह देखकर केतन को चट्टान के किनारे से नीचे धकेल दिया। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन का हाथ एक मजबूत झाड़ी में फंस गया और वो बच गया। जब केतन ने हैरान होकर पूछा कि तुमने धक्का क्यों दिया, तो सिया ने शातिर दिमाग चलाया और तुरंत सांप-सांप चिल्लाने लगी! उसने नाटक किया कि उसने तो केतन को सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। केतन उसके प्यार में अंधा था, इसलिए उसने अपनी होने वाली पत्नी पर भरोसा कर लिया।

दूसरी कोशिश 4 जून को

सिया ने फिर से 4 जून को लोहगढ़ जाने की जिद पकड़ी। लेकिन केतन की मां, जो 31 मई वाली घटना से डरी हुई थीं, उन्होंने केतन को दोबारा जाने से मना कर दिया और यह कोशिश नाकाम हो गई।

तीसरी कोशिश 14 जून को

वहीं सिया फिर जिद करके केतन को 14 जून को किले पर ले गई। लेकिन संडे होने की वजह से वहां पर्यटकों की भारी भीड़ थी, जिसके कारण वो अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। आखिरकार 19 जून को सिया का जन्मदिन था, और केतन उसे स्पेशल फील कराने के लिए किसी आलीशान रिसॉर्ट में पार्टी देना चाहता था। लेकिन सिया अड़ गई कि उसे लोहगढ़ किले पर ही जाना है। उसने केतन की मां को वीडियो कॉल करके भी राजी कर लिया। 18 जून को दोनों किले पर पहुंचे, लेकिन इस बार मौत उनके पीछे-पीछे चल रही थी। सिया का प्रेमी चेतन चौधरी अपनी स्कूटी से चुपचाप पहले ही लोहगढ़ पहुंच चुका था। पुलिस को सबसे बड़ा सुराग किले के टिकट काउंटर के CCTV फुटेज से मिला। जून की तपती गर्मी में, जब तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, तब एक युवक शॉर्ट्स के ऊपर पूरी बाजू की हुडी पहने, चेहरे को पूरी तरह ढके और कानों में हेडसेट लगाए केतन और सिया के 20 फीट पीछे-पीछे चल रहा था। गेटकीपर ने जब उससे टिकट मांगा, तो उसने कहा कि वो सिर्फ एक्सरसाइज करने आया है और 25 रुपये का टिकट लेने से भी मना करने लगा। बाद में जब इस हुडी वाले की तस्वीर का मिलान चेतन चौधरी से किया गया, तो सारी सच्चाई सामने आ गई। जैसे ही तीनों एक सुनसान जगह पर पहुंचे, सिया और चेतन ने मिलकर केतन पर किसी चीज से वार किया और उसे 400 फीट नीचे गहरी खाई में धकेल दिया!

मर्डर के बाद सिया ने पुलिस को गुमराह करते हुए इसे एक हादसा बताया। लेकिन पाप का घड़ा भरना ही था। केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद जब सिया उनके घर पहुंची, तो केतन की बहन संजना को सिया की बातों और हाव-भाव पर गहरा शक हुआ। परिवार ने तुरंत ग्रामीण एसपी से बात की, जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए टेक्निकल जांच शुरू की। जब पुलिस ने सिया और चेतन के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाला, तो अधिकारियों के होश उड़ गए! 1 जनवरी से 18 जून के बीच, महज 6 महीनों में दोनों के बीच 2004 बार फोन पर बातचीत हुई थी, यानी पूरे 238 घंटे! इतना ही नहीं, मर्डर वाले दिन यानी 18 जून को सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक चेतन ने अपने मोबाइल का इंटरनेट बंद कर रखा था और अपना फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ आया था ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन न मिले। वो अपने कर्मचारी का फोन लेकर किले पर गया था, और पीछे से उसकी दुकान के लड़के उसके फोन पर आने वाले कॉल्स उठा रहे थे। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने इस शातिर प्लानिंग की धज्जियां उड़ा दीं। आपको बता दें इस सनसनीखेज हत्याकांड ने एक बार फिर साल भर पुराने इंदौर के मशहूर सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी हत्याकांड की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं। दोनों ही मामलों में पीड़ितों को ट्रैकिंग और पहाड़ों के ऊंचे रास्तों पर ले जाकर, उनके सबसे भरोसेमंद साथी द्वारा ही मौत की खाई में धकेला जाता है। फर्क सिर्फ इतना था कि राजा की हत्या के बाद सोनम फरार हो गई थी, जबकि सिया यहीं रहकर रोने का नाटक कर हादसे की कहानी बुनती रही।

आपको बता दें केतन अग्रवाल सिर्फ एक होनहार बेटा ही नहीं, बल्कि अपने पिता के बिजनेस का मजबूत सहारा था। उसने US के बोस्टन से MBA की पढ़ाई की थी और PCMC में रियल एस्टेट कंपनी 'सक्सेस ग्रुप' में डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के रूप में शानदार काम कर रहा था। लेकिन उस अंधे प्यार और खौफनाक साजिश की पूरी दास्तान, ने एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का मातम दे दिया। आज केतन अग्रवाल इस दुनिया में नहीं हैं, और सिया गोयल व उसका प्रेमी चेतन चौधरी सलाखों के पीछे अपने पापों की सजा गिन रहे हैं। लेकिन यह मामला हमारे समाज के सामने कई गंभीर और कड़वे सवाल खड़े करता है। आखिर हमारी आज की पीढ़ी की मानसिकता किस दिशा में जा रही है? महज 20 साल की एक लड़की के दिमाग में अपने मंगेतर को, जो उससे बेपनाह मोहब्बत करता था, तड़पा-तड़पा कर मारने का ख्याल कैसे आ जाता है? अगर रिश्ता पसंद नहीं था, अगर शादी नहीं करनी थी, तो समाज और परिवार के सामने खुलकर बगावत करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई गई? क्या किसी की जान लेना, किसी बूढ़े बाप का सहारा छीन लेना ही एकमात्र रास्ता बचा था? 

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