बंदी सिंहों की रिहाई पर बवाल, चंडीगढ़ में पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार को कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में राज्यपाल भवन की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पुलिस ने रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
कौमी इंसाफ मोर्चा पिछले कई सालों से पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा समेत अन्य बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर धरना दे रहा है।
जगतार सिंह हवारा की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की थी। उन्होंने हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की मांग की थी। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी हवारा को पैरोल दिए जाने का समर्थन किया था।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मोहाली में धारा 163 लागू कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
इससे पहले 29 जुलाई को अकाली दल वारिस पंजाब दे की ओर से भी चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया गया था। ऐसे में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक रूप से अहम होता नजर आ रहा है।
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