पुरंदर के तक्रारवाड़ी टोल प्लाज़ा पर बढ़ा विवाद: किसानों की पूर्ण टोल माफी की मांग, मार्च से वसूली की तैयारी
पुरंदर : आळंदी से पंढरपुर पालखी राजमार्ग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पुरंदर तहसील के जेजुरी और सासवड के बीच स्थित तक्रारवाड़ी में बनाए गए टोल प्लाज़ा का कार्य पूर्ण हो गया है। जानकारी के अनुसार मार्च महीने से यहां टोल वसूली शुरू किए जाने की तैयारी है।
हालांकि, पालखी महामार्ग के लिए अपनी जमीन देने वाले प्रभावित किसानों और स्थानीय ग्रामस्थों ने इस टोल प्लाज़ा का तीव्र विरोध जताया है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि उन्हें किसी प्रकार की रियायत नहीं, बल्कि पूर्ण टोल माफी दी जाए।
इससे पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में किसानों ने संपूर्ण टोल माफी की मांग रखी थी। अधिकारियों की ओर से टोल प्लाज़ा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले किसानों को प्रति माह 350 रुपये में पास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन किसानों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए पूर्ण टोल माफी की अपनी मांग पर अडिग रहने का निर्णय लिया।
उसी बैठक में खळद ग्रामस्थों ने बोरावके मळा से चंदन टेकड़ी बाह्यवळण मार्ग के बीच दो स्थानों पर उड्डाण पुल बनाने की मांग भी उठाई थी। अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि इस मार्ग पर कुल दस स्थानों पर उड्डाण पुल प्रस्तावित हैं।
इस मुद्दे पर सांसद सुप्रिया सुळे ने भी किसानों की टोल माफी की मांग पर सकारात्मक विचार करने और केंद्रीय स्तर पर इस विषय को उठाने का आश्वासन दिया था।
लेकिन पांच महीने बीत जाने के बावजूद इन मांगों पर कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी है। हाल ही में जेजुरी के एक शिष्टमंडल ने अधिकारियों से पुनः मुलाकात की, जिसमें फिर से 20 किलोमीटर के दायरे के लिए रियायती पास और उड्डाण पुल निर्माण का आश्वासन दिया गया। इससे किसानों में यह भावना बन रही है कि उन्हें बार-बार वही आश्वासन दिया जा रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मार्च में टोल वसूली शुरू करने से पहले प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्णय घोषित नहीं किया गया और पूर्ण टोल माफी पर ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे तीव्र आंदोलन शुरू करेंगे।
तक्रारवाड़ी में बने टोल प्लाज़ा को लेकर क्षेत्र के किसानों और ग्रामस्थों में गहरा आक्रोश है। अब सबकी नजर प्रशासन के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।
संवादाता : प्रा. संतोष जगताप

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