किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान एवं योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्राथमिकता : कुलजीत सिंह

रायबरेली : मा० सदस्य कृषक समृद्धि आयोग, उत्तर प्रदेश (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) कुलजीत सिंह ने आज जनपद भ्रमण के दौरान विकास भवन सभागार में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कृषि योजनाओं की प्रगति, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की स्थिति, खाद एवं बीज की उपलब्धता, पंजीकृत खाद दुकानों की स्थिति तथा गौशालाओं में बाढ़ के पानी की स्थिति सहित वृहद एवं कान्हा गौशालाओं की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

        समीक्षा बैठक के उपरांत मा० सदस्य कृषक समृद्धि आयोग द्वारा प्रेसवार्ता कर मीडिया प्रतिनिधियों को कृषक समृद्धि आयोग के उद्देश्यों एवं जनपद भ्रमण के दौरान की गई समीक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों के उत्थान, उन्हें सशक्त एवं समृद्ध बनाने तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में कृषक समृद्धि आयोग का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष मा० मुख्यमंत्री जी हैं।
          उन्होंने बताया कि आयोग का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर किसानों के लिए संचालित सरकार की कल्याणकारी एवं कृषि संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करना, पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना तथा किसानों की समस्याओं एवं सुझावों से अवगत होकर उन्हें शासन के संज्ञान में लाना है, ताकि समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण कराया जा सके।
       मा० सदस्य ने कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जनपद में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में किए गए कार्यों की प्रगति संतोषजनक पाई गई है। उन्होंने बताया कि कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन में जनपद ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो जनपद के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्य एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसी प्रकार निरंतर बेहतर कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाया जाए।
       उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों के संबंध में कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण एवं क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर पात्र बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाई गई है, ताकि आपदा की स्थिति में किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सके और उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
         उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा खाद, बीज एवं अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पंजीकृत खाद की दुकानों पर निर्धारित दर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश भी दिए गए।
       बैठक में गौशालाओं की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित गौशालाओं में जलभराव एवं बाढ़ के पानी की स्थिति, पशुओं के लिए चारा, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। वृहद एवं कान्हा गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
        इस अवसर पर उप निदेशक कृषि हिमांशु पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी, जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पाण्डेय, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी  जे.पी. यादव सहित कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : देवराज

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