AAP नेताओं ने राघव चड्ढा पर साधा निशाना: "समोसे पर सवाल उठाए, सरकार पर नहीं"
AAP ने राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाने की सिफारिश की है, जिससे पार्टी में हलचल मच गई है। इसके बाद राघव ने वीडियो पोस्ट कर कहा कि उन्हें खामोश करने की कोशिश की गई है, लेकिन वह हारे नहीं हैं।इस पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि जो भी पार्टी लाइन का पालन नहीं करता, उस पर कार्रवाई होती है।दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा, “जो डर गया, समझो मर गया। हम सभी अरविंद केजरीवाल के अनुयायी हैं।”

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर हमला करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से वह डर के कारण देश और मोदी के खिलाफ मुद्दों पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं।भगवंत मान ने कहा कि संसद में संसदीय बोर्ड का नेता समय-समय पर बदलता रहता है और यह बदलाव सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी लाइन और व्हिप के अनुसार ही सांसदों को अहम मुद्दों पर आवाज उठानी चाहिए।

मान ने यह भी कहा कि राघव ने गंभीर मुद्दों जैसे वोट कटने या गुजरात में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बजाय, तुच्छ मुद्दों जैसे कैंटीन में समोसे की कीमत और डिलीवरी समय को प्राथमिकता दी। उनका कहना था कि इस तरह की प्राथमिकताएँ पार्टी के महत्वपूर्ण मामलों के प्रति उनके नजरिए को दर्शाती हैं और यह समझा जा सकता है कि उन्होंने पार्टी हितों को समझौता किया है।


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