कन्याकुमारी रैली में राहुल गांधी के तीखे आरोप, AIADMK, BJP और RSS पर साधा निशाना
तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी और आक्रामक होती जा रही है। इसी माहौल में कन्याकुमारी में आयोजित एक जनसभा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और AIADMK को लेकर कई तीखे आरोप लगाए, जिससे राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दावा किया कि AIADMK के कुछ नेताओं ने कथित रूप से भ्रष्टाचार के मामलों के चलते भाजपा के सामने “समर्पण” कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा तमिलनाडु में सीधे तौर पर मजबूत स्थिति हासिल नहीं कर पा रही है, इसलिए वह AIADMK का सहारा लेकर राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है।
आरएसएस पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह संगठन द्रविड़ विचारधारा के खिलाफ है और तमिलनाडु की सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान पर अपना प्रभाव स्थापित करना चाहता है। उनके अनुसार, राज्य की भाषा, परंपरा और संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए इस वैचारिक टकराव को समझना जरूरी है।
उन्होंने संघीय ढांचे (फेडरल सिस्टम) पर भी जोर दिया और कहा कि भारत के हर राज्य को अपने फैसले लेने और अपनी सरकार के माध्यम से शासन चलाने का अधिकार होना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा “एक देश, एक भाषा और एक संस्कृति” की सोच को आगे बढ़ा रही है, जो विविधता वाले देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की सत्ता वहां की जनता के हाथों में ही रहनी चाहिए।
अपने भाषण में राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ राजनीतिक प्रभावों का इस्तेमाल भारतीय नेतृत्व को प्रभावित करने की कोशिशों के संदर्भ में किया गया है और इसके जरिए राज्य की राजनीति को प्रभावित करने की रणनीति बनाई जा रही है।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और डीएमके मिलकर तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके इन बयानों के बाद तमिलनाडु की चुनावी राजनीति और अधिक गर्म हो गई है और सभी प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
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