इंदौर में राहुल गांधी का मेगा शो! 50 हजार नहीं, अब जुटेंगे 1 लाख युवा

“सियासत की राह में युवा अगर साथ हो जाएं,
         तो चुनावी समीकरणों के मायने बदल जाएं...”

जी हां...मध्य प्रदेश के इंदौर से राहुल गांधी के लिए बड़ी खबर सामने आई है...12 सितंबर को होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब 19 सितंबर को होगा। लेकिन तारीख सिर्फ सात दिन आगे नहीं बढ़ी है...इस कार्यक्रम का सियासी स्केल भी बड़ा कर दिया गया है। जिस कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने पहले नेहरू स्टेडियम मांगा था, प्रशासन से अनुमति नहीं मिली तो अब जगह बदल दी गई है। राहुल गांधी का कार्यक्रम अब रीजनल पार्क के सामने वाले मैदान में कराने की तैयारी है। कांग्रेस का दावा है कि नेहरू स्टेडियम के लिए अनुमति नहीं मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। वहीं लगातार बारिश को भी तारीख आगे बढ़ाने की एक वजह बताया जा रहा है। लेकिन असली कहानी इसके आगे है...कांग्रेस अब इस कार्यक्रम में 50 हजार नहीं, बल्कि एक लाख युवाओं को जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यानी इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम अब सिर्फ एक सभा नहीं...बल्कि कांग्रेस के उस बड़े अभियान का हिस्सा बनता जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी छात्रों और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। और कांग्रेस की योजना सिर्फ इंदौर तक रुकने की नहीं है...बताया जा रहा है कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को अगले दो साल में करीब 800 छोटे-बड़े शहरों तक ले जाने की तैयारी है।

दरअसल, कांग्रेस ने राहुल गांधी के इस मेगा इवेंट के लिए इंदौर के ऐतिहासिक नेहरू स्टेडियम को चुना था। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कलेक्टर और मुख्य सचिव से आधे घंटे तक मिन्नतें कीं, लेकिन प्रशासन ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश का हवाला देकर स्टेडियम देने से साफ इनकार कर दिया। प्रशासन का तर्क था कि स्टेडियम सिर्फ खेल और सरकारी कार्यक्रमों के लिए है। वहीं अनुमति न मिलने पर राजनीति गरमा गई और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार राहुल गांधी के खौफ से स्टेडियम नहीं दे रही, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि भीड़ न जुटा पाने के डर से कांग्रेस बहाने बना रही है। 

आखिरकार, विवाद बढ़ाने के बजाय कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने स्थित खाली मैदान को नया वेन्यू तय कर लिया। वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने के पीछे बारिश भी एक बड़ी वजह बताई जा रही है। इंदौर में लगातार बारिश के बीच खुले मैदान में इतनी बड़ी सभा की तैयारी आसान नहीं है। कांग्रेस को यहां वाटरप्रूफ डोम, सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम करने होंगे। यानी कांग्रेस को अब सात दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है। और इसी अतिरिक्त समय के साथ पार्टी ने अपना लक्ष्य भी बढ़ा दिया है। पहले करीब 50 हजार युवाओं को जोड़ने की तैयारी थी...अब कांग्रेस ने एक लाख युवाओं को जुटाने का लक्ष्य रखा है।

आपको बता दें बीते दिन बुधवार को कांग्रेस ने इंदौर में तैयारियों को लेकर एक के बाद एक कई बैठकें कीं। प्रदेश की राजनीतिक मामलों की समिति से लेकर NSUI, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और जिला-शहर कांग्रेस तक...लगातार बैठकों का दौर चला। यानी कांग्रेस साफ तौर पर इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं कार्यक्रम में आने वाले युवाओं का पहले रजिस्ट्रेशन कराने की भी तैयारी है। इसके लिए राहुल गांधी के दिल्ली कार्यालय की ओर से QR कोड जारी किए जाने की बात कही गई है। युवा QR कोड के जरिए रजिस्ट्रेशन कर कार्यक्रम में हिस्सा ले सकेंगे। और खास बात ये है कि कांग्रेस सिर्फ राहुल का भाषण कराने तक कार्यक्रम को सीमित नहीं रखना चाहती। 

पार्टी के मुताबिक युवा खुद भी मंच पर अपनी समस्याएं रख सकेंगे। जाहिर है राहुल गांधी इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे जैसे शहरों में छात्रों से संवाद कर चुके हैं। इन शहरों में पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे हैं। दरअसल, कांग्रेस के लिए छात्र और युवा सिर्फ एक चुनावी मुद्दा नहीं हैं। पेपर लीक हो...सरकारी नौकरी की तैयारी हो...महंगी कोचिंग हो...रोजगार का सवाल हो या सरकारी संस्थानों में अवसर...ये ऐसे मुद्दे हैं जिनका असर देश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिलता है। इसीलिए कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर एक बड़े राष्ट्रीय अभियान की जमीन तैयार करना चाहती है।

जाहिर है अब देखना होगा कि 19 सितंबर को इंदौर के रीजनल पार्क में जुटने वाला यह युवाओं का हुजूम क्या मध्य प्रदेश की राजनीति में नया तूफान लाएगा? और क्या राहुल गांधी का यह 'छात्रों की गूंज' अभियान 2029 की नींव तैयार कर पाएगा? देखना बेहद दिलचस्प होगा! 

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