"हिमंता बिस्वा सरमा सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री", राहुल गांधी ने विश्वनाथ में भरी हुंकार!

असम की चाय की बागानों वाली शांत वादियों में आज सियासी बारूद फट गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विश्वनाथ की धरती से मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर वो सीधा प्रहार किया है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। राहुल गांधी ने न केवल सीएम को देश का "सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री" घोषित कर दिया, बल्कि जेल भेजने की खुली चेतावनी भी दे डाली। आखिर कौन हैं वो 'बब्बर शेर' जिनसे हिमंता बिस्वा सरमा की रातों की नींद उड़ गई है? क्या असम में वाकई बदलाव की 'आंधी' चल रही है? देखिए इस चुनावी दंगल की सबसे बड़ी रिपोर्ट!

रविवार को विश्वनाथ जिले में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के सीने पर हाथ रखते हुए कहा कि वह इस समय भारत के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि सीएम की हताशा उनके बयानों में साफ झलक रही है, क्योंकि उन्हें अपनी हार की दीवार अभी से नजर आने लगी है।

राहुल गांधी ने दहाड़ते हुए कहा: "हिमंता जी को पता चल गया है कि कांग्रेस के 'बब्बर शेर' उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं। जब सरकार बदलेगी और कानून अपना काम करेगा, तो उन्हें असम की जनता और कांग्रेस नेताओं के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ेगी और जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा!"

सियासी गलियारों में चर्चा है कि राहुल गांधी ने जब 'बब्बर शेर' का जिक्र किया, तो उनका इशारा सीधे तौर पर गौरव गोगोई की ओर था। गौरव गोगोई इस समय असम के चुनाव में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ फ्रंट फुट पर बैटिंग कर रहे हैं। राहुल ने साफ कर दिया कि संसाधनों की लूट का हिसाब अब करीबियों से नहीं, बल्कि सीधा मुख्यमंत्री से लिया जाएगा।

कांग्रेस के फायरब्रांड नेता और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने बीजेपी के आंतरिक कलह पर चुटकी लेते हुए कहा कि मीडिया में भले ही सब कुछ ठीक दिखे, लेकिन बीजेपी के अंदर जबरदस्त 'सिर-फुटौवल' मची है।

इमरान प्रतापगढ़ी ने तंज कसा: "हिमंता बिस्वा सरमा की राजनीति सिर्फ नफरत और भ्रष्टाचार की है। उन्होंने इतना कमाया है कि सरकार बदलते ही उनका ठिकाना जेल होगा। दूसरी तरफ हमारे गौरव गोगोई हैं, जिनका नाम ही असम का 'गौरव' है।"

राहुल गांधी ने अपने संबोधन के अंत में आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि असम में इस बार कांग्रेस की कोई लहर नहीं, बल्कि परिवर्तन की आंधी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने असम के जल, जंगल और जमीन को अपने चहेतों के हवाले कर दिया है, जिसका बदला जनता इस बार वोट की चोट से लेगी।

राहुल गांधी के इस हमले ने असम के चुनाव को अब 'पर्सनल' बना दिया है। एक तरफ हिमंता का 'नफरत और विकास' वाला मॉडल है, तो दूसरी तरफ राहुल के 'बब्बर शेर' और भ्रष्टाचार के आरोप। अब देखना ये होगा कि असम की जनता इस 'आंधी' में किसके साथ बहती है और किसके पैर उखड़ते हैं।

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