राहुल गांधी और खड़गे क्यों नहीं पहुंचे लाल किला? सीटिंग अरेंजमेंट पर विवाद

देश आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसी बीच लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए। दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की नाराजगी समारोह में उनके लिए की गई बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर थी। सूत्रों के अनुसार, सीटिंग अरेंजमेंट से लेकर लाइनअप तक कुछ व्यवस्थाएं उनकी स्थिति और पद के अनुरूप नहीं होने की बात कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि इसी प्रोटोकॉल से जुड़ी नाराजगी के चलते दोनों नेताओं ने समारोह से दूरी बनाई। हालांकि, इस संबंध में कांग्रेस नेताओं की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बता दें कि 2024 में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इसी तरह का विवाद सामने आया था। उस समय लोकसभा में नेता विपक्ष को पहली कतार के बजाय पीछे की कतार में बैठाए जाने को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई थी। विपक्ष ने इसे जनता का अपमान बताया था, जबकि रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि ओलंपिक खिलाड़ियों को स्थान देने के लिए सीटिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया था।

नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय कार्यक्रमों में लोकसभा में नेता विपक्ष के लिए पहली कतार में सीट निर्धारित होती है। इस बार राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के समारोह में शामिल नहीं होने के बाद एक बार फिर सीटिंग व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर सियासी बहस शुरू हो गई है।

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