राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर कसा तंज

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के आगामी भारत दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा कटाक्ष किया और कहा कि इस यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय 'भ्रम' में है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने तंज कसते हुए लिखा, "मिस्टर रुबियो ने मुंबई में अपने कर्मचारी को तलब किया है। मोदी जी, आपके विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि क्या चल रहा है। आप शायद समझाना चाहेंगे। बशर्ते, ज़ाहिर है, आप चाहते हैं कि मैं समझाऊँ।" अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी एक मीडिया नोट के अनुसार, मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर आने वाले हैं।

अपनी इस भारत यात्रा के दौरान मार्को रुबियो मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे, जहां वे द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर विचारों का आदान-प्रदान करने तथा उन्नत ऊर्जा सहयोग के अवसरों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ भारतीय सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुंबई में रुबियो से मिलने की उम्मीद है, जबकि इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने कहा था कि यह यात्रा द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सहयोग, प्रौद्योगिकी साझेदारी और निवेश के अवसरों पर केंद्रित होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री दोनों देशों के बीच व्यावसायिक निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात करने वाले हैं।

यह दौरा इस साल मार्को रुबियो की भारत की दूसरी आधिकारिक यात्रा होगी, इससे पहले उनकी पिछली यात्रा 23 से 26 मई के बीच हुई थी। कोलकाता में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया और रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी तथा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बढ़ते सहयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं की पिछले हफ्ते ही बात हुई है, इसलिए आगे क्या होने वाला है इसके लिए अपडेट रहें।

भारत आने से पहले मार्को रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद का दौरा करेंगे, जहां वे सी5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे और मध्य एशियाई देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा के दौरान अमेरिका और मध्य एशिया के बीच रणनीतिक सहयोग तथा व्यावसायिक संबंधों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा की जाएगी। राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल अमेरिकी दौरे को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, जिस पर सरकार और विपक्ष के बीच सरगर्मी तेज हो गई है।

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