राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर आर-पार का हमला: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, कहा- 'संविधान पर हमला करने वाले देशद्रोही!'
नई दिल्ली: चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची विवाद को लेकर राहुल गांधी द्वारा बुलाई गई बहुप्रतीक्षित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देश की सियासत में भूचाल आ गया है। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोलते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। इस हाई-वोटेज प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब पूरे देश में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गूंज सुनाई देने लगी है।
"यह संविधान पर सीधा हमला है"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी बेहद आक्रामक तेवर में नजर आए। उन्होंने चुनाव आयोग के मौजूदा कामकाज और फैसलों को सीधे तौर पर देश के संविधान की धज्जियां उड़ाने वाला करार दिया। राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को अंदर से खोखला किया जा रहा है और जनता के अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने मंच से दो टूक कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र पर एक सुनियोजित हमला है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को बताया 'देशद्रोही'
राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद के लिए सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें 'देशद्रोही' तक कह डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक पदों पर बैठकर जिन लोगों ने निष्पक्षता की शपथ ली थी, वे आज सत्ता के इशारे पर लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं और देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं।
"चोरी की जीत से बने हर कानून को मानेंगे अमान्य"
राहुल गांधी ने सबसे बड़ा और तीखा बयान देते हुए चेतावनी दी कि वोटों की हेराफेरी और धांधली यानी 'चोरी की जीत' के दम पर जितने भी नियम, आदेश और कानून बने है, उन सबको पूरी तरह से अवैध और अमान्य माना जाएगा। उन्होंने साफ कर दिया कि ऐसी संदिग्ध और चोर दरवाजे से हासिल की गई जीत को देश की जनता और विपक्ष कभी स्वीकार नहीं करेगा।
देशभर में तेज हुआ आक्रोश
राहुल गांधी के इस आक्रामक तेवर और अल्टीमेटम के बाद अब देश भर में एक ही मांग जोर पकड़ रही है—मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें और इस बड़े चुनावी फर्जीवाड़े की न्यायिक जांच हो। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसे अन्य दलों और विपक्षी मोर्चों के आक्रामक रुख के साथ मिलकर, राहुल गांधी के इस ऐलान ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद देश की सबसे बड़ी राजनीतिक जंग का रूप लेता नजर आ रहा है।

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