आखिर ऊंचाहार पुलिस ने ऐसा क्या किया कि लोगों में बना चर्चा का विषय
रायबरेली : जिले के आलाकमान कितना भी पुलिसिया कार्य शैली को चुस्त दुरुस्त रखने का प्रयास कर रहे हो लेकिन कहीं न कहीं पुलिस की पुलिस की घटिया कार्य शैली जगजाहिर हो ही जाती है। ऊंचाहार पुलिस लगातार अभियुक्तों को जेल भेज कर गुडवर्क कर रही है। गुडवर्क के इसी क्रम में कल पुलिस द्वारा बताया गया कि थाना ऊंचाहार पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति, वाहनों की चेकिंग के दौरान अभियुक्त ज्ञानेन्द्र उर्फ भुल्ले पुत्र अरविन्द कुमार निवासी ग्राम बीकरगढ़ थाना ऊंचाहार जनपद रायबरेली को 01 अदद चोरी के लैपटॉप के साथ थाना क्षेत्र के गंगेहरा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया है। जिसके विरूद्ध थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।जिसको लेकर स्थानीय लोगों में चर्चे का बाजार गर्म हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि 6 तारीख की शाम लगभग 8 बजे स्थानीय लोगों ने चोर को लैपटॉप समेत बीकरगढ़ में पकड़ लिया था। उसके बाद मौके पर पहुंचे शिवकुमार प्रधान और अजय ने पूछताछ शुरू कर दी। जब चोरी हुए लैपटॉप को ऑन किया गया तो पता चला कि वह लैपटॉप अजय का है। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उस चोर को ऊंचाहार पुलिस के हवाले कर दिया जिसे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इधर पुलिस ने भी बहती गंगा में हाथ धोने का पूरा प्लान बनाते हुए बता दिया कि संदिग्ध चेकिंग के तहत गंगेहरा गुलालगंज मोड़ के पास से लैपटॉप समेत चोर को गिरफ्तार किया गया। जबकि जिस समय चोर को स्थानीय लोगों ने पकड़ा था उस समय पुलिस को मामले की कोई जानकारी नहीं थी। यही नहीं पुलिस द्वारा संदिग्ध चेकिंग का हवाला देकर यह बताया गया है। कि 7 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। जबकि पकड़े गए चोर को लोगों ने एक दिन पूर्व यानि 6 अप्रैल शाम तकरीबन 8 बजे ही पुलिस के हवाले कर दिया था। ऐसे में सोचने वाली बात यह कि ऊंचाहार पुलिस अब कितना किरकिरी कराएगी। ऐसे में तो पुलिस की गुडवर्क में भी संदेह होने लगा है।
रिपोर्टर : आशीष मौर्य
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