राम मंदिर के आंदोलन में कारसेवको के बलिदान को कभी नहीं जा सकता है भुलाया सुनील सागर

रायबरेली :  रामजन्मभूमि आंदोलन में बचपन से सक्रिय रहने वाले सुनील सागर ने बताया की रामजन्मभूमि आंदोलन में विपरीत परिस्थितियों में बछरावाँ क्षेत्र के तमाम कार्यसेवकों का भी अहम रोल है आगे जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर के महीने 1990 में प्रदेश में जब  मुलायम सिंह की सरकार थी तब अयोध्या जाने वाले तमाम प्रमुख रास्ते बंद कर दिए गए थे तभी बछरावाँ के रास्ते से कारसेवकों का हुजूम बछरावाँ की तरफ से अयोध्या जाने लगा राम जन्मभूमि आंदोलन में विपरीत परिस्थितियों में बछरावाँ क्षेत्र के तमाम कार्यसेवकों ने अपनी-अपनी जगह अपनी उम्र के हिसाब से राम जन्मभूमि आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया कार्यसेवकों के भोजन की व्यवस्था से लेकर आने-जाने में कोई असुविधा न होने पाए इसका विशेष ख्याल रखा वही इसी क्रम में बताया बछरावाँ से भी तमाम कार्यसेवक राम जन्मभूमि अयोध्या की ओर कूच किए थे हमारी जानकारी में उस समय बजरंग दल के संयोजक आलोक पांडे,संजीव मिश्रा,कमलाकांत मिश्रा,महेंद्र कुमार अवस्थी, राजेंद्र सिंह,कृष्णकांत मिश्रा,चंद्रशेखर शुक्ला,बिंदाबक्स सिंह,कौशल किशोर अवस्थी, मन्नीलाल, आदि कार्यसेवको को मुलायम सिंह की सरकार ने अस्थाई जेल में डाल दिया था बहुत सारे कार्यसेवकों को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया था बहुत सारे कार्यसेवक अब हमारे बीच नही है हम उन्हें नमन् करते है उनका भी राम जन्मभूमि आंदोलन में बहुत सराहनीय योगदान रहा है।

 रिपोर्टर :  देवराज 

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