बरसात में धान के साथ-साथ उगाएँ ये फसलें और बढ़ाएँ आय

बरसात का मौसम कृषि के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। अधिकतर किसान इस समय धान की खेती पर ही निर्भर रहते हैं, लेकिन धान के अलावा भी कई फसलें और व्यवसाय हैं, जिनसे अच्छी आमदनी हो सकती है। आइए जानते हैं उन विकल्पों के बारे में:

1. मक्का (Corn / Maize)

बरसात में मक्का की बुवाई जल्दी और आसानी से हो जाती है। मक्का की फसल जल्दी तैयार होती है और इसका उपयोग चारा, अनाज और तेल उद्योग में होता है। इससे किसान जल्दी लाभ कमा सकते हैं।

2. सोयाबीन (Soybean)

सोयाबीन मानसून में बोई जा सकती है। यह प्रोटीन और तेल का अच्छा स्रोत है। मंडी में इसकी अच्छी मांग होती है, जिससे किसान की आमदनी बढ़ती है।

3. दालें और ग्वार फली (Pulses / Legumes)

मटर, ग्वार फली और अन्य दालों को बरसात में बोया जा सकता है। यह मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती हैं और बाजार में इनकी कीमतें स्थिर रहती हैं।

4. सब्जियाँ (Vegetables)

बरसात में लौकी, कद्दू, भिंडी, करेला जैसी सब्जियाँ आसानी से उगाई जा सकती हैं। ये जल्दी तैयार हो जाती हैं और सीधे स्थानीय मंडी या शहर में बेचकर अच्छा मुनाफा मिल सकता है।

5. मसाले (अदरक और हल्दी)

अदरक और हल्दी की खेती बरसात में की जा सकती है। यह फसल थोड़ी लंबी अवधि में तैयार होती है, लेकिन औषधीय और मसाले वाली होने के कारण बाजार में इनकी अच्छी कीमत मिलती है।

6. मछली पालन (Fish Farming)

बरसात में तालाबों में मछली पालन करना आसान होता है। यह प्रोटीन युक्त उत्पाद किसानों को जल्दी लाभ देने का माध्यम बन सकता है।

7. पानी में उगने वाली फसलें

सौंफ, शलजम और कुछ हरी साग फसलें पानी जमा होने वाली जमीन में भी अच्छी तरह उगती हैं।

बरसात में केवल धान पर निर्भर रहने की बजाय मक्का, सोयाबीन, दालें, सब्जियाँ, मसाले और मछली पालन जैसे विकल्प अपनाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही ये फसलें मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद करती हैं।

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