दैनिक वेतनभोगियों से ₹15 हजार लेने के आरोप पर घमासान, वन चालक संघ में बढ़ी नाराजगी

रायपुर : छत्तीसगढ़ वन विभाग में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी व श्रमिको के लिए चल रहे शासन प्रशासन स्तर की कार्यवाही को देखकर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वाहन चालक /कर्मचारी संघ के प्रान्त सचिव हैदर अली ने संगठन के पदाधिकारियों के बिना संज्ञान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर 15000 रूपया लिये जाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पत्रचार किया गया है। जिसके कारण वन विभाग के दैनिक वेतन भोगियों एवं वाहन चालकों में आक्रोश का माहौल है अनावश्यक झुठी शिकायत व मिथ्या पेपर बाजी कराया जा रहा है! 

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वाहन चालक/कर्मचारी संघ के प्रान्तीय सचिव हैदर अली रेगुलर कर्मचारी है उवके द्वारा झुठी व तथ्यहीन लिखित शिकायत दर्ज कराया है जिसके कारण मैं रामभिक्षुक वस्त्रकार उप प्रान्ताध्यक्ष वन एवं  जलवायु परिवर्तन विभाग वाहन चालक/कर्मचारी संघ से स्थिपा दे रहा हुं!
शिकायतकर्ता नियमित वाहन चालक है दैनिक वेतन भोगियों से कोई लेना देना नही है,उसके बावजूद भी इनके द्वारा दैनिक वेतन भोगियों के छवि को धूमिल करने के लिये इस प्रकार के घिनौना हरकत कर रहे हैं सर्मसार करने वाली बाते है।
जिस प्रकार से नियमितीकरण के नाम पर अवैध वसूली  शीर्षक से  समाचार प्रकाशित हुआ है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि विभिन्न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से नियमितीकरण के नाम पर प्रति कर्मचारी 15,000 रुपये की मांग की जा रही है, इस प्रकार से झुठी व मिथ्या पत्राचार तथा तथ्यहीन समाचार पत्रों प्रकाशन कराया जाना सहीं है। 
उक्त विषयों से आहत दैनिक वेतनभोगी वाहन चालक  प्रदेश उपाध्यक्ष सहित जिलाध्यक्ष कोरबा व समस्त वाहन चालकों ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वाहन चालक/कर्मचारी संघ से दिया स्थिपा। महिला मंच के प्रदेश अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने बता कि पूर्व में छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ कुछ लोग जिम्मेदार पदों पर पदासिन रहे जिन्हे संगठन विरोधी कार्यों के कारण संगठन से निकाल दिये गये तो कुछ ऐसे भी लोग है जो स्वयं ही अपने बुने हुए जाल में फंसकर निकल गये ऐसे लोग विगत ढ़ेड़ वर्षों से संगठन को गिराने के लिए भिड़े हुए हैं। 
ढ़ेल साल पहले कुछ महिलाओं के कंधा में बंदुक रखकर थाना में तीन तीन अलग अलग मामला छेड़छाड़ , मारपीट का भिन्न भिन्न प्रकरण दर्ज कराने हेतु आवेदन कराये थे, किन्तु दुध का दुध पानी का पानी हो गया। 
उसके बाद विभाग में प्रकरण चलवाये,महिला आयोग में प्रकरण चलवाये सभी प्रकरण नस्तीबद्ध हो गये।
ढ़ेड़ साल पहले भी करोड़ो रूपया का लेन देन करके आरोप लगाया था झुठी प्रकाशन कराया था, विरोधी लोग साल भर से 12 से 13 नही हो पा रहे है जिसके कारण येसा घिनौना हरकत कर रहे है! इनके घिनौने हरकत से विभाग बदनाम हो रहा है दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के कार्यवाही में विलंब हो रहा है। 
असमाजिक तत्व के व्यक्ति ही कहा जाये जो बुजदिली हरकत कर रहे हैं इस बार महिला संगठन आरपार की लड़ाई लड़ने के लिये तैयार हैं। महिला मंच की अगुवाई में इस बार जंगी प्रदर्शन की तैयारी भी हो रही है ताकि इस प्रकार के विरोधियों पर नकेल कसा जा सकें!
पुरे छत्तीसगढ़ के वन विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी महिला मंच हैदर अली के द्वारा किये गये कृत्य का तथा विरोधियों के द्वारा मंजा लुटने के उद्देश्य जो पेपर में प्रकाशन करा रहे है उन लोगों का घोर निंदा करता है। 
महिला मंच के प्रदेश अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने कहां कि वन विभाग के अंतर्गत कार्य करने वाले भाई बहन से ना अवैध रूप से पैसा लिये है न अवैध रूप पैसा दिये है।

रिपोर्टर : मजहर इकबाल 

 

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