नकद, सोना और आभूषणों से भरा राजस्थान का 1.61 करोड़ का मायरा
राजस्थान के नागौर जिले में हाल ही में शादी के एक अनोखे अवसर ने सुर्खियां बटोरी हैं। जायल क्षेत्र में ब्राह्मण समुदाय के ललित व्यास और ओमप्रकाश व्यास ने अपनी बहन गायत्री के बेटे निलेश के विवाह पर कुल 1 करोड़ 61 लाख रुपये का मायरा भरा। इस मायरे में 81 लाख रुपये नकद, 25 तोला सोना, चांदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएँ शामिल थीं। स्थानीय लोग इसे ब्राह्मण समाज में अब तक का सबसे बड़ा मायरा मान रहे हैं।

मायरा भरने की यह परंपरा केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि इसे समाज में सम्मान और भावनाओं के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। नागौर की जायल तहसील में मामा अपनी भांजी या भांजे को शादी के अवसर पर जो उपहार देते हैं, उसे मायरा कहा जाता है। इस दौरान महिलाओं द्वारा पारंपरिक गीत गाए जाते हैं, जिन्हें विशेष रूप से “जायल खिंयाला का मायरा” कहा जाता है।
हालांकि पहले यह परंपरा मुख्यतः जाट समुदाय में प्रचलित थी, लेकिन अब अन्य समुदाय भी इसे अपनाने लगे हैं। पिछले तीन वर्षों में नागौर में छह से सात बड़े मायरे भरे जा चुके हैं। कुछ लोगों ने नकद राशि दी, तो कुछ ने सोना या जमीन का योगदान किया। हर मायरा समाज में मामा और परिवार की प्रतिष्ठा को बढ़ाने का अवसर बनता है।

इस वर्ष का यह 1.61 करोड़ रुपये का मायरा न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि यह राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक रिश्तों की मिठास को भी उजागर करता है।


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