मुआवजे की आग में झुलसी खानपुर-परवन परियोजना: विधायक सुरेश गुर्जर के नेतृत्व में ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, नहर खुदाई का काम ठप
बकानी : विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खानपुर-परवन वृहद सिंचाई परियोजना की बायी मुख्य नहर की खुदाई को लेकर बुधवार को खेरखेड़ा गांव में हालात तनावपूर्ण हो गए। मुआवजे में कथित भेदभाव से नाराज ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए नहर निर्माण कार्य रुकवा दिया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम ने विवाद का रूप ले लिया।
गुरुवार प्रात काल प्रशासन ने भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच नहर खुदाई का कार्य शुरू करवाया था, लेकिन इसकी सूचना मिलते ही क्षेत्र के विधायक सुरेश गुर्जर खेरखेड़ा गांव पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों में पहले से ही मुआवजे को लेकर आक्रोश था, जो मौके पर पहुंचते ही खुलकर सामने आ गया।
ग्रामीणों का हुजूम विधायक के नेतृत्व में खुदाई स्थल की ओर बढ़ा, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान विधायक सुरेश गुर्जर ने बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया।
हालांकि, बाद में एसडीएम रजत कुमार विजयवर्गीय और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए विधायक और ग्रामीणों से वार्ता की। बातचीत के बाद ग्रामीणों को खुदाई स्थल तक जाने की अनुमति दी गई।
मौके पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और नहर खुदाई कार्य को तुरंत बंद करवा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके साथ मुआवजे को लेकर भेदभाव किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, पास के भीलखेड़ा और समरोल गांवों को डीएलसी 2025 के अनुसार मुआवजा दिया गया है, जबकि खेरखेड़ा के किसानों को 2014 के पुराने डीएलसी रेट के आधार पर कम मुआवजा दिया गया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
इस दौरान विधायक सुरेश गुर्जर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक खेरखेड़ा के ग्रामीणों को भी समान और उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
रिपोर्टर : रमेश चन्द्र शर्मा
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