डॉ.नयन प्रकाश गांधी ,इंटरनेशनल एनएलपी लाइफ करियर कोच

राजस्थान : यदि आपने 12वीं कक्षा फिजिक्स ,केमिस्ट्री   के साथ मैथमेटिक्स  या बायोलॉजी  से उत्तीर्ण की है, तो आपके सामने करियर के कई विकल्प खुले हैं, लेकिन आज के समय में एक ऐसा क्षेत्र तेजी से उभर रहा है जो विज्ञान, तकनीक और न्याय प्रणाली का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है,वह है फॉरेंसिक साइंस ,जी हां नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी  द्वारा 2026-27 सत्र के लिए बैचलर स्तर पर विभिन्न कोर्सेज में प्रवेश की घोषणा ऐसे छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो अपने करियर को केवल रोजगार तक सीमित न रखकर समाज,देश में प्रभावशाली योगदान देना चाहते हैं और एक अलग उभरते क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते है। फॉरेंसिक साइंस का क्षेत्र केवल अपराध की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक विज्ञान की सहायता से साक्ष्यों का विश्लेषण कर न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने का कार्य करता है। आज साइबर क्राइम, डिजिटल फ्रॉड, डीएनए एनालिसिस, फिंगरप्रिंट, और क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की भारी मांग है। ऐसे में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिस्थापित एनएफएसयू के देश भर में फैले 13 कैंपस जैसे विशेष विश्वविद्यालय छात्रों को प्रारंभिक स्तर से ही इस क्षेत्र में प्रशिक्षित करते हैं। बैचलर स्तर पर बी.एससी. फॉरेंसिक साइंस, बी.एससी क्रिमिनोलॉजी एवं फॉरेंसिक साइंस, इंटीग्रेटेड बी.एससी -एम.एससी फॉरेंसिक साइंस (5 वर्षीय समेकित कार्यक्रम) तथा बी.टेक. साइबर सिक्योरिटी , बीबीए एमबीए फॉरेंसिक अकाउंटिंग एंड फ्राड इन्वेस्टिगेशन आदि आज के आधुनिक युवा पीढ़ी के लिए बेहतरीन करियर के लिए  मजबूत आधार प्रदान करते हैं, जिससे वे भविष्य में उच्च स्तरीय विशेषज्ञ बन सकते हैं। करियर कोच एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि 

पात्रता की बात करें तो इन कोर्सेज में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का मात्र  बारहवीं विज्ञान संकाय  से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, जिसमें फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ मैथ्स या बायोलॉजी में से कोई एक विषय होना चाहिए और इन विषयों में पारंगत बालक /बालिका इसमें बहुत ही आसानी से करियर बना सकते है,सबसे बड़ी बात है इन कोर्सेज में प्रवेश प्रक्रिया भी पूरी तरह आसान ,सीट कम होने एवं अब नए करियर क्षेत्र में जागरूकता होने से थोड़ी  प्रतिस्पर्धात्मक और सबसे बड़ी बार पारदर्शी चयन सुनिश्चित होता है। अधिकांश बैचलर कोर्सेज में प्रवेश के लिए अब सी.यू.ई. टी के स्कोर को मान्यता दी जा रही है। इस परीक्षा में बारहवीं स्तर के फिजिक्स मैथ्स ,केमिस्ट्री ,बायोलॉजी से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, साथ ही सामान्य अभिरुचि का भी मूल्यांकन किया जाता है। उच्च स्कोर प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर विभिन्न कैंपस में प्रवेश मिलता है। हर वर्ष कट-ऑफ स्कोर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सामान्यतः उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है।फॉरेंसिक साइंस को “सुनहरा मौका” इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि एक भविष्य उन्मुख करियर पथ है। डिजिटल युग में अपराधों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, और इसके साथ ही फॉरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। सरकारी एजेंसियों जैसे पुलिस विभाग, सीबीआई, एनआईए के अलावा निजी क्षेत्र में बैंकिंग, साइबर सिक्योरिटी कंपनियां और मल्टीनेशनल कॉर्पोरेट्स भी ऐसे विशेषज्ञों की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस क्षेत्र में करियर के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं, जिससे छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं और अधिक जानकारी  नेशनल  फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट से ली जा सकती है।

रिपोर्टर : रमेश चन्द्र शर्मा

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