भारतीय संविधान के महान शिल्पी, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन

राजस्थान :  बाबासाहेब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के एक ऐसे प्रज्वलित दीप थे, जिन्होंने सदियों के अंधेरे को चीरकर न्याय का मार्ग प्रशस्त किया।

​उनका जीवन अटूट साहस और संकल्प की गाथा है। उन्होंने सिखाया कि ज्ञान ही वह शस्त्र है जिससे गरीबी और अन्याय की बेड़ियाँ काटी जा सकती हैं। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए उनका संघर्ष आज भी हमें मानवता की सेवा की प्रेरणा देता है।
​समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
​आज हमें उनके द्वारा दिखाए गए समता, ममता और बंधुत्व के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। आइए, इस पावन अवसर पर हम उनके विचारों को आत्मसात करने और एक समावेशी भारत बनाने का दृढ़ संकल्प लें।

रिपोर्टर : रमेश चन्द्र शर्मा 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.