राजस्थान निकाय चुनाव से पहले बवाल! कहीं आंसू तो कहीं मारपीट

राजस्थान में नगर निकाय चुनावों की सरगर्मी बढ़ते ही सियासत का तापमान भी चढ़ने लगा है...टिकट की चाहत है... टिकट की उम्मीद है...लेकिन जब टिकट हाथ से निकलता है, तो कहीं दर्द आंसुओं के रूप में बाहर आता है, तो कहीं गुस्सा हंगामे में बदल जाता है। जोधपुर से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। एयरपोर्ट पर बीजेपी का एक कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा। वहीं राजस्थान के ही बीकानेर में टिकट को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कांग्रेस के एक कार्यकर्ता पर पार्टी के शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। यानी एक तरफ टिकट कटने का दर्द...आंखों से बहते आंसू... और दूसरी तरफ टिकट न मिलने का गुस्सा...जो हाथापाई तक पहुंच गया। 

दरअसल, राजस्थान में जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। हर दावेदार चाहता है कि पार्टी का सिंबल उसी के हाथ आए। लेकिन टिकटों की संख्या सीमित है और दावेदार कई...ऐसे में जिसे टिकट नहीं मिलता, उसकी नाराजगी सामने आना स्वाभाविक है। लेकिन जोधपुर एयरपोर्ट पर जो हुआ, उसने टिकट की इस पूरी सियासत को भावुक बना दिया। 

दरअसल, बुधवार को जोधपुर सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान बीजेपी कार्यकर्ता धनाराम चौधरी उनसे मिलने पहुंचे। धनाराम चौधरी ने जोधपुर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 10 से बीजेपी टिकट के लिए दावेदारी की थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया। टिकट नहीं मिलने का दर्द धनाराम के चेहरे पर साफ दिखाई दिया। वह एयरपोर्ट पर ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने भावुक हो गए और रोने लगे। हालात ऐसे हो गए कि धनाराम चौधरी शेखावत से लिपट गए। मौके पर मौजूद लोगों के सामने ही वह फूट-फूटकर रोते नजर आए। ये देखकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें गले लगाया और ढांढस बंधाया। 

वहीं दूसरी तरफ बीकानेर में नगर निकाय चुनाव के टिकट को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मामला बीकानेर के वार्ड नंबर 50 का बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी दौरान बीकानेर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की गई। जाहिर है चुनाव अभी बाकी है...नामांकन और प्रचार का दौर भी आगे आना है...लेकिन उससे पहले ही टिकट की दौड़ ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेचैनी बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे की ये नाराजगी आगे कितना बड़ा सियासी असर डालती है।

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