भगवान श्री जगन्नाथ का हुआ 108 जल कलशों व पंचामृत से अभिषेक
राजगढ़ : कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित जन जन के आराध्य देव भगवान जगन्नाथ जी महाराज का 108 जल कलशों और पंचामृत से अभिषेक कराया गया। मंदिर महंत पूर्णदास व एडवोकेट मदनमोहन शास्त्री ने बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा जिसे देव पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन भगवान श्री जगन्नाथ जी महाराज का प्रकटोत्सव और देव स्नान पर्व मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि घंटे घड़ियालों के साथ व शंख के उद्घोषक से भगवान श्री जगन्नाथ जी महाराज को 108 जल कलशों और पंचामृत से अभिषेक कराया गया। अभिषेक के पश्चात भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए गर्भ गृह में प्रवेश करते हैं। भगवान जगन्नाथ स्नान करने के बाद ज्वर पीड़ा होती है। ज्वर पीड़ा से निजात दिलाने के लिए भगवान जगन्नाथ 15 दिनों तक उनका औषधि युक्त काढ़े आदि से उपचार किया जाता है। आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा 26 जून को भगवान जगन्नाथ पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर गर्भ गृह से बाहर आते हैं इसी दिन प्रातःकाल भगवान जगन्नाथ जी का नेत्र उत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा। उसी दिन सायंकाल माता जानकी की सवारी चौपड़ बाजार श्री जगदीश मंदिर से निकलकर मुख्य मार्गों से होती हुई गंगाबाग स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां मंदिर मार्जन और गणेश पूजन का कार्यक्रम आयोजित होगा। जिसमें मेला कमेटी के सदस्य उपस्थित रहेंगे। वहीं 27 जून को सायंकाल चौपड़ बाजार स्थित मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ जी की 171वीं ऐतिहासिक रथयात्रा निकलेगी। इस मौके पर मंदिर महंत पूर्णदास, एडवोकेट मदन मोहन शास्त्री, रोहित शर्मा, श्री जगन्नाथ मेला कमेटी के अध्यक्ष महेन्द्र तिवारी, सचिव हरिओम गुप्ता, उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लखेरा, डॉ खेमसिंह आर्य, चिराग सैनी, गायत्री शर्मा, यादराम सैनी, मीनू, शीला खूटेंटा, गुड्डी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
रिपोर्टर : राजकुमार गुप्ता


No Previous Comments found.