बिजली संकट से उबला शहर, खेड़ापति बिजली उपभोक्ता संघ ने दी चक्का जाम की चेतावनी

राजगढ़ - भीषण गर्मी के बीच शहर की चरमराई विद्युत व्यवस्था और घोषित-अघोषित बिजली कटौती ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। गुरुवार को इस समस्या के समाधान हेतु खेड़ापति बिजली उपभोक्ता संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एमपीईबी (MPEB) कार्यालय का रुख किया। हालांकि, वहां न तो असिस्टेंट इंजीनियर और न ही जूनियर इंजीनियर मौजूद थे।

भीषण गर्मी में अघोषित कटौती से हाहाकार

उपभोक्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को शहर की बदहाल विद्युत व्यवस्था से अवगत कराया। संघ के संयोजक निजाम कुरैशी ने बताया कि: लोड शेडिंग, मेंटेनेंस और आंधी-तूफान के बहाने आए दिन पूरे शहर की बिजली बंद कर दी जाती है। 42 से 44 डिग्री के इस झुलसा देने वाले तापमान में बिजली न होने से पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। कंट्रोल रूम की लापरवाही का आलम यह है कि फोन अक्सर बंद रहता है और यदि कभी कॉल लग जाए, तो कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं देते।

शहरी कॉलोनियों को ग्रामीण फीडर से जोड़ने का विरोध

निजाम कुरैशी ने एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए बताया कि पिछले सवा दो महीनों से पुष्पद कॉलोनी, बजरंग कॉलोनी और बादशाह कॉलोनी के कनेक्शन को शहरी क्षेत्र से हटाकर ग्रामीण क्षेत्र से जोड़ दिया गया है। रेलवे ट्रैक के नीचे केबल जॉइंट खराब होने का हवाला देकर की गई यह अस्थायी व्यवस्था अब स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ने के कारण इन कॉलोनियों में लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली कटौती से नागरिक बेहद परेशान हैं। प्रशासन को अल्टीमेटम: 4 मई को होगा घेराव और चक्का जाम खेड़ापति बिजली उपभोक्ता संघ ने बिजली विभाग और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि: शहर की विद्युत वितरण व्यवस्था जल्द से जल्द सुधारी जाए। तीनों प्रभावित कॉलोनियों को वापस शहरी फीडर से जोड़ा जाए। "यदि 3 मई तक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो 4 मई को शहर के बिजली उपभोक्ता शांतिपूर्वक तरीके से एमपीईबी कार्यालय का घेराव करेंगे। साथ ही संडावता रोड पर चक्का जाम और धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"

रिपोर्टर - जावेद खान

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