रक्षाबंधन पर मिठाई का ओवरडोज पड़ सकता है भारी, फैटी लिवर से ब्लड शुगर तक बढ़ेगा खतरा
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते, खुशियों और मिठास से जुड़ा है। इस मौके पर घरों में तरह-तरह की मिठाइयां आती हैं और रिश्तेदार भी एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हैं। ऐसे में कई बार स्वाद के चक्कर में जरूरत से ज्यादा मिठाई खा ली जाती है। हालांकि, त्योहार की एक-दो दिन की लापरवाही भी कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
खासतौर पर जिन लोगों को डायबिटीज, प्रीडायबिटीज, मोटापा या फैटी लिवर की समस्या है, उन्हें मिठाइयों को लेकर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। मिठाइयों में मौजूद ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। वहीं लगातार ज्यादा कैलोरी और फैट का सेवन वजन बढ़ाने के साथ शरीर के मेटाबॉलिक बैलेंस को भी प्रभावित कर सकता है।
फैटी लिवर वालों के लिए क्यों जरूरी है कंट्रोल?
मिठाइयों में मौजूद चीनी और ज्यादा कैलोरी का जरूरत से ज्यादा सेवन वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। इसका असर लिवर पर भी पड़ सकता है और शरीर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले से फैटी लिवर है, उनके लिए त्योहार के दौरान खान-पान में अतिरिक्त सावधानी रखना बेहतर है।
डायबिटीज में बढ़ सकता है ब्लड शुगर
गुलाब जामुन, जलेबी, रसगुल्ला, पेड़ा और लड्डू जैसी मिठाइयों में शुगर की मात्रा काफी ज्यादा हो सकती है। एक साथ कई मिठाइयां खाने से ब्लड ग्लूकोज तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए यह खास तौर पर चिंता की बात हो सकती है।
मिठाई पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं
त्योहार पर मिठाई से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी नहीं है। सबसे अहम है पोर्टियन कंट्रोल। एक साथ कई मिठाइयां खाने के बजाय अपनी पसंद की किसी एक मिठाई की छोटी मात्रा लें। धीरे-धीरे खाएं और बार-बार मिठाई खाने से बचें।
अगर संभव हो तो कम चीनी वाली या घर पर बनी मिठाई को प्राथमिकता दें। मिठाई के साथ कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस या दूसरे मीठे पेय लेने से भी बचें, क्योंकि इससे शरीर में शुगर और कैलोरी की मात्रा और बढ़ सकती है।
रक्षाबंधन पर मिठास जरूर बांटें, लेकिन सेहत की कीमत पर नहीं। थोड़ी समझदारी और सीमित मात्रा में मिठाई खाकर त्योहार का मजा भी लिया जा सकता है और सेहत का ख्याल भी रखा जा सकता है।
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