सम्पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ फहराया गया राम मंदिर के शिखर पर ध्वज
BY- PRAKHAR SHUKLA
क्यों चुना गया है आज का दिन-
आज दिनाँक 25 नवंबर 2025 को अयोध्या में राम मंदिर का ध्वजारोहण कार्यक्रम संम्पन्न होने जा रहा है।ध्वजारोहण का कार्यक्रम आज अभिजीत मुहुर्त में होगा , माना जाता है इस मुहुर्त में ध्वजारोहण करवाना काफ़ी कल्याणकारी सिद्ध होता है। आज राम विवाह पंचमी है , और आज की तिथि भी खास है - क्योंकि इस तिथि के सभी अंकों का योग करने पर (2+5+1+1+2+0+2+5=18)होता है, जो कि सनातन धर्म में काफी शुभ माना जाता है।सनातन धर्म में 18 पुराण ,श्रीमद् भगवद् गीता के 18 अध्याय , महाभारत के 18 पर्व , महाभारत का युद्ध 18 दिन चलनें के बाद धर्म की स्थापना हुई थी और भगवान राम का प्रिय अंक भी 18 है। सनातन धर्म के अनुसार मंदिर निर्माण का कार्य पूरा तभी माना जाता है, जब उसपर ध्वज की स्थापना हो जाए।राम मंदिर का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है, आज ध्वजारोहण होने के पश्चात इसके संम्पूर्ण होने के संकेत भी मिल गए हैं। अभी तक लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं राम मंदिर के दर्शन प्राप्त कर चुके हैं..
आखिर क्या विशेष है राम मंदिर के शिखर पर लगने वाले ध्वज में-
राम मंदिर पर लगने वाले ध्वज की लंबाई 22 फुट और चौंड़ाई लगभग 11 फुट ध्वज पूरी तरह 360 डिग्री घूम सकता है। मंदिर की तल से ऊँचाई 161 फिट और ध्वज दंड की लंबाई कुल 30 फिट के साथ मंदिर की कुल लंबाई 191 फीट लगभग हो गई है । ध्वज सिल्क के धागों से निर्मित है और केसरिया रंग का है,बीच में ऊँ का प्रतीक है, और किनारे कविदार का वृक्ष है। केसरिया रंग प्रकाश,त्याग और तप का प्रतीक है,कविदार अयोध्या का राजवृक्ष है,ऊँ समन्वय का प्रतीक है और सूर्य सूर्यवंश का प्रतीक है।
कौन-कौन रहा मौजूद-
कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के तौर पर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ,राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख डॅा मोहन भागवत,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , राज्यपाल आनंदी बेन पटेल , राम मंदिर ट्र्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास समेत अयोध्या के समस्त साधु-संत और श्रद्धालुगण मौजूद रहे। राम मंदिर आंदोलन के नायकों के बलिदान को भी याद किया गया।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए अयोध्या दुल्हन की तरह सज चुकी है ,श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनज़र भारी सुरक्षाबल की तैनाती की गई है।पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जिन मेहमानों के पास क्यूआर कोड है केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। पूरे अयोध्या वासियों के मन में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है , हर जगह गीत गाए जा रहे हैं, जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहे हैं।
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